
दीनदयाल उपाध्याय राज्य ग्राम्य विकास संस्थान, बख्शी का तालाब, लखनऊ द्वारा दिनांक 26 जनवरी, 2026 को 77 वें गणतंत्र दिवस के राष्ट्रीय पावन पर्व पर , प्रभारी अपर निदेशक संस्थान, सुबोध दीक्षित द्वारा नेशनल फ्लैग को फहराने व सामूहिक रूप से संस्थान के समस्त अधिकारियों/ कार्मिकों तथा संस्थान पर भारत सरकार के विभिन्न मंत्रालयों में नवनियुक्त सहायक अनुभाग अधिकारीयों हेतु, विलेज अटैचमेंट विषयक प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रतिभाग कर रहे अधिकारियों को, संकल्पबद्धता के साथ भारतीय संविधान की शपथ दिलाई गई।
द्वितीय चरण में, संस्थान के बुद्धा सभागार में, सभी को आमंत्रित करके 77 वें गणतंत्र दिवस के परिप्रेक्ष्य में, महानिदेशक संस्थान, एल० वेंकटेश्वर लू की अध्यक्षता में, एक वैचारिक संगोष्ठी का आयोजन किया गया, जिसके अंतर्गत संस्थान के प्रमुख अधिकारियों व कर्मचारियों, प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे भारत सरकार के विभिन्न मंत्रालयों में नवनियुक्त सहायक अनुभाग अधिकारीयों तथा राष्ट्रीय एवं राज्य स्तरीय विशिष्ट अतिथि वार्ताकारों यथा – प्रोफेसर डा० मधुसूदन स्वामी आध्यात्मिक गुरु एवं लाल बहादुर शास्त्री, राष्ट्रीय प्रशासनिक अकादमी, मसूरी के विजिटिंग फैकल्टी, डा० किशन वीर सिंह शाक्य, प्रख्यात शिक्षाविद् एवं पूर्व वरिष्ठ सदस्य लोक सेवा आयोग उ०प्र०, डा० ओम् प्रकाश पूर्व प्रमुख सचिव उत्तर प्रदेश शासन तथा संस्थान के महानिदेशक एल० वेंकटेश्वर लू द्वारा स्वयं, गणतंत्र दिवस की अवधारणा, प्रजातांत्रिक प्रणाली में भारतीय संविधान की उपयोगिता एवं संविधान के अन्तर्गत निहित नागरिकों के मूल कर्तव्यों/ अधिकारों, नीति निर्देशक तत्वों तथा अमृत भारत महोत्सव के अन्तर्गत मिशन कर्मयोगी एवं विकसित भारत 2047 के सन्दर्भ में विस्तारपूर्वक प्रासंगिक व सारगर्भित उपयोगी व्याख्यान दिए गए।
कार्यक्रम के दौरान, संस्थान अधिष्ठान प्रभारी, गरिमा सिंह द्वारा विगत वर्ष 2025 में, संस्थान के प्रमुख अधिकारियों एवं कर्मचारियों, जिन्होंने अपने-अपने कार्य पटलों से सम्बन्धित उत्कृष्ट कार्य किए उनको पुरस्कृत करने की घोषणा के साथ, अपर निदेशक सुबोध दीक्षित द्वारा पुरस्कृत भी किया गया।
समस्त कार्यक्रम का मंच संचालन डा० नवीन कुमार सिन्हा द्वारा किया गया तथा उपस्थित सभी को प्रभारी अपर निदेशक सुबोध दीक्षित द्वारा धन्यवाद ज्ञापित किया गया। कार्यक्रम के आयोजन एवं प्रबंधन के दृष्टिगत संस्थान के सभी अधिकारियों व कर्मचारियों की महती एवं सराहनीय भूमिका रही।