
वाराणसी, कोडीनयुक्त कफ सिरप की तस्करी मामले में कोतवाली पुलिस और एसआईटी टीम ने शुक्रवार को भोरसर लिंक रोड मिर्जापुर बाईपास से पांच आरोपितों को गिरफ्तार किया है। इन पांचों तस्करों में से तीन 25-25 हजार रुपये के इनामिया हैं।
गिरफ्तार तस्करों में सिगरा थाना क्षेत्र के काजीपुराखुर्द का निवासी अमित जायसवाल, भेलूपुर थाना क्षेत्र के खोजवां मोहल्ले के दिवेश जायसवाल और खोजवां के ही अंकुश सिंह हैं। अंकुश सिंह मूलरूप से रामपुर जिले के मानपुर गांव का निवासी है।
पूछताछ में आरोपितों ने बताया कि उनके गिरोह का मुख्य सरगना कोडीनयुक्त कफ सिरप मामले में फरार चल रहा शुभम जायसवाल है। इसके अलावा प्रशांत उपाध्याय, मनोज यादव, आकाश पाठक, धर्मेंद्र अग्रवाल, प्रतीक कुमार गुजराती सहित अन्य लोगों के साथ मिलकर वे संगठित गिरोह चला रहे थे। फर्जी जीएसटी इनवॉइस, ई-वे बिल और अन्य कूटरचित दस्तावेजों के जरिए झारखंड की शैली ट्रेडर्स रांची से न्यू फेंसाडिल कफ सिरप (कोडीन युक्त) की भार मात्रा खरीदकर नशे के लिए तस्करी की जा रही थी।
वे संगठित गिरोह चला रहे थे। फर्जी जीएसटी इनवॉइस, ई-वे बिल और अन्य कूटरचित दस्तावेजों के जरिए झारखंड की शैली ट्रेडर्स रांची से न्यू फेंसाडिल कफ सिरप (कोडीन युक्त) की भारी मात्रा खरीदकर नशे के लिए तस्करी की जा रही थी। इनकी नियमित बैठकें के. बी. एन प्लाजा में होती थीं और वहीं तस्करी की योजना बनती थी। रूपयों वे लेन-देन की बात यही होती रही। उन्होंने बताया कि करीब 25 लाख शीशियों की तस्करी कर करीब करोड़ रुपये का अवैध कारोबार किया गया।
नियामत बठक क.बा. एन प्लाजा में होता था और वहीं तस्करी की योजना बनती थी। रूपयों के लेन-देन की बात यही होती रही। उन्होंने बताया कि करीब 25 लाख शीशियों की तस्करी कर करीब 40 करोड़ रुपये का अवैध कारोबार किया गया।
इस धंधे में उन्हें व्यक्तिगत रूप से करीब 8 करोड़ रुपये का फायदा हुआ। उनके कुछ माल पश्चिम बंगाल, बिहार और त्रिपुरा में पकड़े गये थे। सम्बंधित लोगों से पहले फर्जी फर्में खुलवाकर दस्तावेज जुटाए जाते थे।
फिर कमीशन देकर गिरोह में शामिल कर लिया जाता था। इन पांचों के पास से पुलिस ने 46 विदेशी मुद्रा और एक आईफोन बरामद किया है।

इन्हें गिरफ्तार करनेवाली पुलिस टीम में प्रभारी निरीक्षक दयाशंकर सिंह के अलावा एसआईटी के एसआई विकास पाण्डेय, अंकित सिंह, मनीष सिंह, धीरज सिंह, लवलेश पटेल, अमन सिंह, कांस्टेबल अखिलेश कुमार और सुमित शाही रहे।