
बंग्लादेश में 1971 जैसे हालत हो गए हैं। हिन्दू मंदिरों को तोड़ने, हिन्दू धरों को जलाने और लूटपाट एवं मारकाट की घटनाएं की जा रही है जो धार्मिक भेद भाव का प्रतीक है।
मुस्लिम कट्टरपंथियों ने हिंदू युवक दीपू चन्द दास को मार कर पेड़ पर लटका कर जला दिया है। पूर्व प्रधान मंत्री का घर भी आग के हवाले कर दिया है। वहां पर सरेआम आगजनी हो रही है। बांग्लादेश सुलग रहा है।
ईस्लामीक कट्टरपथीं आतंकवादी उस्मान हादी की मृत्यु के बाद ढाका में भारत विरोधी षडयंत्र किए जा रहे हैं। पूर्वोत्तर भारत पर खतरा उत्पन्न हो गया है। सत्ता, सेना और सरकार गृह युद्ध जैसे हालत के सामने लाचार जान पड़ रहे हैं।
अल्ला हू अकबर के नारों के साथ मकानों और दुकानों में आग लगाई जा रही है। ग्रेटर बंग्लादेश का नक्शा बना कर भारत की सीमाओं को चुनौती देने की तैयारी की जा रही है। सरेआम हिन्दुओं को मारने की धमकियां दी जा रही है। वहां के हिंदू, अल्पसंख्यकों का जीवन खतरे में है। हम विरोध के माध्यम से भारत सरकार से मांग करते है, कि बांग्लादेश में हिंदुओं के ऊपर हो रहे अत्याचार को रोकने के लिए बड़ी कार्यवाही करे और वहाँ के हिन्दू जनमानस को सुरक्षा की व्यवस्था की जाए।
गुरुधाम चौराहे पर अंतरराष्ट्रीय हिन्दू परिषद, राष्ट्रीय बजरंगदल काशी के द्वारा गुरुधाम चौराहा पर एकत्रित होकर बांग्लादेश के प्रधानमंत्री का प्रतीकात्मक पुतला लेकर जुलूस के रूप में चलकर चेतमणि चौराहे पर दहन किया गया और बांग्लादेश के विरोध में नारों के साथ कार्यकर्ताओं का गुस्सा फुट पड़ा।