लखनऊ में एसटीएफ का बड़ा एक्शन: 100 करोड़ की फेन्सेडिल तस्करी का मास्टरमाइंड का करीबी अमित टाटा दबोचा, ड्रग माफिया के नेटवर्क में मचा हड़कंप
लखनऊ। यूपी में ड्रग माफिया पर शिकंजा कसते हुए एसटीएफ ने मंगलवार सुबह गोमती नगर के ग्वारी चौराहा से फेन्सेडिल तस्करी गैंग के बेहद खतरनाक और हाई-प्रोफाइल सदस्य अमित कुमार सिंह उर्फ अमित टाटा को धर दबोचा। सुबह 7 बजे हुई इस कार्रवाई ने पूरे नेटवर्क में भूचाल ला दिया है।
एसटीएफ लंबे समय से इस इंटर-स्टेट ड्रग सिंडिकेट की जड़ें खोज रही थी, जो कोडीन युक्त फेन्सेडिल को फर्जी फर्मों और नकली बिलों के जरिए करोड़ों के हिसाब से बंगाल-बांग्लादेश बॉर्डर तक सप्लाई कर रहा था।
फेन्सेडिल माफिया का काला साम्राज्य – 100 करोड़ की खपत, फर्जी कंपनियों की भरमार
जांच में सामने आया कि यह कोई साधारण तस्करी का नेटवर्क नहीं, बल्कि माफिया-स्टाइल में चल रहा करोड़ों का कारोबार है। शुभम जायसवाल, जो रांची में शैली ट्रेडर्स के नाम से बड़ा ऑपरेशन चला रहा था, वही इस नेटवर्क का असली मास्टरमाइंड है।
उसने एबॉट कंपनी के अधिकारियों की सांठगांठ से 100 करोड़ से अधिक का फेन्सेडिल खरीदा और फर्जी बिलों के जरिए तस्करों को बेचा।
इसका नेटवर्क झारखंड, बंगाल, यूपी और बांग्लादेश तक फैला हुआ है।
अमित टाटा को इसी गैंग में अहम रोल दिया गया-
धनबाद में देवकृपा मेडिकल एजेंसी और वाराणसी में श्री मेडिकलये दोनों फर्में उसके नाम पर खोली गईं, लेकिन इनकी डोर रिमोट से शुभम ही चलाता था।
पूछताछ में खुलासे – दुबई से फेसटाइम ऐप्प पर चल रहा था पूरा ड्रग रैकेट
अमित टाटा ने जो बताया, उससे एसटीएफ भी दंग रह गयी।
शुभम जायसवाल अपने परिवार एवं पार्टनर वरुण सिंह, गौरव जायसवाल के साथ दुबई भाग गया है।
वहीं से फेसटाइम ऐप्प के जरिए नेटवर्क ऑपरेट कर रहा था।
बंगाल-बांग्लादेश में कोडीन सिरप की भारी डिमांड होने से कमाई करोड़ों में होती थी।
अमित को 28-30 लाख कैश दिए गए, जिसे वह पत्नी साक्षी सिंह के अकाउंट में डालता था।
कई मेडिकल फर्में, ट्रांसपोर्टर और फार्मा अधिकारियों की मिलीभगत से माल सप्लाई होता था।
एसटीएफ अब इन बैंक ट्रांजैक्शन्स, कॉल डिटेल्स और हवाला जैसी संदिग्ध गतिविधियों की गहराई से जांच कर रही है।
अमित टाटा – ड्रग माफिया का हिटमैन, आपराधिक इतिहास है चौंकाने वाला
अमित कोई छोटा-मोटा क्रिमिनल नहीं, बल्कि लंबे समय से अपराध की दुनिया में सक्रिय है। उसके खिलाफ हत्या के प्रयास से लेकर आर्म्स एक्ट तक कई गंभीर मुकदमे दर्ज हैं जैसे कि 1. 2014 – हत्या का प्रयास, CLA एक्ट, 2. 2015 – आर्म्स एक्ट, 3. 2016 – आर्म्स एक्ट, 4. 2021 – धमकी, गाली-गलौज, 5. 2023 – हत्या का प्रयास व साजिश, 6. 2024 – फर्जीवाड़ा, धोखाधड़ी, 7. 2025 – नई धाराओं में मामला दर्ज है।उसका नेटवर्क वाराणसी और आसपास के जिलों में पहले से ही सक्रिय था।
शुभम जायसवाल पर बड़ा शिकंजा, एसटीएफ की टीमें लगाई गईं
अमित टाटा को अब सुशांत गोल्फ सिटी में दर्ज मुकदमे 182/2024 में दाखिल कर लिया गया है। एसटीएफ की टीमें अब दुबई में रह रहे शुभम जायसवाल की गतिविधियों को ट्रैक कर रही हैं।
ड्रग माफिया के आर्थिक लेन-देन, हवाला चैनल और फर्जी फर्मों पर भी कड़ी कार्रवाई की तैयारी है।
सूत्रों के मुताबिक आने वाले दिनों में इस नेटवर्क से जुड़े कई बड़े नाम पकड़े जा सकते हैं।
