
इसके उपरांत मुख्यमंत्री श्री काशी विश्वनाथ मंदिर पहुंचे, जहां उन्होंने बाबा विश्वनाथ की विधिवत पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की। पूजा के बाद मुख्यमंत्री देर रात टाउनहॉल परिसर में संचालित सरकारी रैन बसेरे का निरीक्षण करने पहुंचे।
रैन बसेरे में मुख्यमंत्री ने ठंड से राहत पहुंचाने के उद्देश्य से वहां ठहरे जरूरतमंदों को कंबल एवं भोजन के पैकेट वितरित किए और उनका हाल-चाल जाना। उन्होंने छोटे बच्चों को चॉकलेट भी दी, जिससे बच्चों के चेहरे खुशी से खिल उठे। मुख्यमंत्री ने लोगों से अपील की कि भीषण ठंड में कोई भी व्यक्ति खुले आसमान के नीचे सड़क किनारे न सोए, रैन बसेरा उन्हीं के लिए बनाया गया है।
निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने रैन बसेरे में मौजूद लोगों से व्यवस्थाओं के बारे में जानकारी ली। लोगों ने प्रशासन द्वारा की गई व्यवस्थाओं पर संतोष जताया और बताया कि बिस्तर, पर्याप्त कंबल, भोजन और अलाव की समुचित व्यवस्था उपलब्ध है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मौके पर मौजूद अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि अत्यधिक ठंड को देखते हुए यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी व्यक्ति रात में खुले आसमान के नीचे न रहने पाए। सभी जरूरतमंदों को रैन बसेरे तक पहुंचाया जाए।
इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने बाढ़ बचाव से जुड़े कार्यों को लेकर जनप्रतिनिधियों से संवाद कर उनके सुझावों को प्रस्तावों में शामिल करने के निर्देश दिए। वरुणा नदी के पुनरोद्धार के लिए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने नाविकों से निरंतर संवाद बनाए रखने पर जोर दिया, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि घाट श्रद्धालुओं के लिए पवित्र स्थल हैं, वहां किसी भी प्रकार का धरना-प्रदर्शन या अराजकता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने नोडल अधिकारियों को सभी कार्यों की सतत मॉनिटरिंग करने और किसी भी स्तर पर आ रही बाधाओं का तत्काल समाधान कराने के निर्देश दिए।
पेयजल व्यवस्था पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि नगर निगम और जल निगम यह सुनिश्चित करें कि नागरिकों को हर हाल में शुद्ध पेयजल की आपूर्ति मिले। साथ ही सड़कों पर अनावश्यक जाम रोकने के लिए वेंडिंग जोन बनाकर रिक्शा और ठेले व्यवस्थित किए जाएं। अवैध टैक्सी, बस और रिक्शा स्टैंड को चिन्हित पार्किंग स्थलों पर स्थानांतरित करने के निर्देश भी दिए।
मुख्यमंत्री ने ठंड के मौसम को देखते हुए पर्याप्त संख्या में रैन बसेरे संचालित करने और वहां कंबल समेत सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने को कहा। नगर निगम और विकास प्राधिकरण को नागरिकों के लिए बेहतर सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए मुख्यमंत्री देर रात सर्किट हाउस लौटकर विश्राम के लिए रवाना हो गए।