खसरा-रूबेला उन्मूलन की दिशा में जिला स्तरीय टास्क फोर्स की बैठक आयोजित.

16 से 27 फरवरी तक चलाया जाएगा एम-आर टीकाकरण अभियान

  • एम-आर टीकाकरण से सुरक्षित होंगे कक्षा 1 से 5 तक के बच्चे
  • सभी सरकारी-निजी स्कूलों व मदरसों में लगेगा एम-आर का टीका

वाराणसी, 02फरवरी 2026
खसरा-रूबेला (एम-आर) रोग के उन्मूलन के उद्देश्य से मुख्य विकास अधिकारी प्रखर कुमार सिंह की अध्यक्षता में जिला स्तरीय टास्क फोर्स की बैठक आयोजित की गई। बैठक में आगामी एम-आर टीकाकरण अभियान की तैयारियों की समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
बताया गया कि यह विशेष अभियान 16 फरवरी से 27 फरवरी 2026 तक संचालित किया जाएगा, जिसके अंतर्गत जनपद में कक्षा 1 से कक्षा 5 तक अध्ययनरत समस्त सरकारी, निजी विद्यालयों एवं मदरसों में पढ़ने वाले बच्चों को खसरा-रूबेला का टीका लगाया जाएगा। इस अभियान में 5 वर्ष से लेकर 10 वर्ष तक के बच्चों को एम आर टीका का अतिरिक्त डोज लगाया जाएगा भले ही इस अभियान से पूर्व उन बच्चों को टीका लगाया जा चुका है।
बैठक में सीडीओ प्रखर कुमार सिंह ने निर्देशित किया कि सभी सरकारी एवं निजी विद्यालयों में इस अभियान हेतु नोडल अधिकारी नामित कर लिए जाएं। उन्होंने यह भी कहा कि अभियान से पूर्व तहसील एवं ब्लॉक स्तर पर समन्वय बैठकें आयोजित कर माइक्रो प्लान पर विस्तार से चर्चा की जाए, ताकि अभियान का शत-प्रतिशत क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा सके।
सीडीओ ने निर्देश दिए कि टीकाकरण से एक से दो दिन पूर्व विद्यालय स्तर पर चिकित्सकों, शिक्षा विभाग एवं अन्य संबंधित विभागों के साथ बैठक कर उन्हें अभियान के प्रति संवेदीकृत किया जाए, जिससे बच्चों, अभिभावकों एवं शिक्षकों को सही जानकारी दी जा सके।
इस अवसर पर जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. एस. एस. कनौजिया ने एम-आर टीकाकरण अभियान के संबंध में विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि खसरा और रूबेला दोनों ही अत्यंत संक्रामक रोग हैं, जो बच्चों में गंभीर जटिलताओं का कारण बन सकते हैं। एम-आर टीका बच्चों को इन दोनों रोगों से सुरक्षित रखने में अत्यंत प्रभावी एवं सुरक्षित है। डॉ. कनौजिया ने बताया कि खसरा से निमोनिया, डायरिया, कुपोषण और दृष्टिहीनता जैसी जटिलताएं हो सकती हैं, वहीं रूबेला संक्रमण गर्भवती महिलाओं में होने पर जन्मजात विकृतियों का कारण बन सकता है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ राजेश प्रसाद ने कहा कि एम-आर टीकाकरण के माध्यम से न केवल बच्चों को सुरक्षित किया जा सकता है, बल्कि समाज को भी इन रोगों से मुक्त बनाया जा सकता है।उन्होंने अभिभावकों, विद्यालय प्रबंधन एवं समाज के सभी वर्गों से अपील की कि वे इस अभियान में सक्रिय सहभागिता करते हुए अपने बच्चों का टीकाकरण अवश्य कराएं, ताकि जनपद को खसरा-रूबेला मुक्त बनाया जा सके।
बैठक में बेसिक शिक्षा अधिकारी, जिला अल्पसंख्यक अधिकारी, जिला कार्यक्रम अधिकारी, रोटरी क्लब की प्रतिनिधि, उपमुख्य चिकित्सा अधिकारी समस्त प्रभारी चिकित्सा अधिकारी, अधीक्षक सहित डब्ल्यूएचओ प्रतिनिधि, यूनिसेफ, जेएसआई के प्रोग्राम ऑफिसर डॉ शाहिद एवं अन्य सहयोगी संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

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