भारत चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (निक्की) ३० जनवरी को वाराणसी में पहली बार नेपाल पर्यटन रोडशोका आयोजन कर रहा है।

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निक्कीद्वारा वाराणसी में पहली बार नेपाल पर्यटन रोडशो का आयोजनवाराणसी, ३० जनवरीः नेपाल–भारत चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (निक्की) ३० जनवरी को वाराणसी में पहली बार नेपाल पर्यटन रोडशोका आयोजन कर रहा है। यह पहल नेपाल और भारत के बीच पर्यटन सहयोग तथा जन जन के आपसी संबंधों को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।रोडशो में भाग लेने के लिए नेपाल से आए एक दर्जन से अधिक सदस्यों का प्रतिनिधिमंडल शुक्रवार को वाराणसी पहुँचा। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व निक्कीकी इमीडिएट पास्ट प्रेसिडेंट सिर्जना राणा कर रही हैं। इसमें निक्क्ी के उपाध्यक्ष कुनाल कयल, कार्यकारी सदस्य शशिकांत अग्रवाल सहित नेपाल के प्रमुख पर्यटन ब्यावसायी और होटल व्यवसायी शामिल हैं।इस रोडशो का उद्देश्य विशेष रूप से पूर्वी उत्तर प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों के भारतीय पर्यटकों के बीच नेपाल को एक पसंदीदा पर्यटन गंतव्य के रूप में स्थापित करना है। स्थानीय पर्यटन ब्यावसायी और होटल व्यवसायी से प्रत्यक्ष संवाद के माध्यम से नेपाल के विविध पर्यटक स्थानों—तीर्थ एवं आध्यात्मिक पर्यटन, साहसिक पर्यटन, स्पस्थ्य पर्यटन, सांस्कृतिक विरासत और आतिथ्य कार्यक्रममे प्रस्तुत किया जाएगा।नेपाल से गहरे ऐतिहासिक और धार्मिक संबंध रखने वाला प्रमुख आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक केंद्र होने के कारण वाराणसी को भारत में निक्कीके पहले पर्यटन केंद्रित रोडशो के लिए चुना गया है। निक्क्ी अधिकारियों के अनुसार, वाराणसी की मजबूत आध्यात्मिक पहचान इसे सीमा पार पर्यटन सहयोग को बढ़ावा देने के लिए एक उपयुक्त मंच बनाती है।कार्यक्रम का एक प्रमुख आकर्षण “नेपाल और भारत का धार्मिक एवं आध्यात्मिक सर्किट” पुस्तक का विमोचन होगा। जिसमें दोनों देशों की साझा आध्यात्मिक विरासत और तीर्थ मार्गों को रेखांकित किया गया है। पुस्तक में रामायण सर्किट, शिव एवं शक्ति सर्किट, बुद्ध सर्किट तथा सिख सर्किट सहित विभिन्न आध्यात्मिक मार्गों का विवरण दिया गया है।रोडशो में चौधरी ग्रुप के चेयरमैन और प्रख्यात उद्योगपति एवं पूर्व सांसद बिनोद चौधरी का मुख्य भाषण (कीनोट एड्रेस) भी होगा। वे फोब्र्स सूची में शामिल एकमात्र नेपाली डलर अरबपति हैं।इस कार्यक्रम में भारत के ८० से अधिक ट्रैवल एवं टूरिज़्म संगठनों के साथ साथ व्यावसायिक जगत के प्रतिनिधियों के भाग ले रहे है। यह पहल दोनों देशों के पर्यटन हितधारकों के बीच बिज़नेस टू बिज़नेस नेटवर्किंग को बढ़ावा देने, सहयोग के नए अवसर तलाशने और आने वाले पर्यटन सीज़न में नेपाल में पर्यटकों की संख्या बढ़ाने में सहायक सिद्ध होने की उम्मीद है।निक्की के अध्यक्ष सुनील केसी के अनुसार, अन्य प्रमुख आध्यात्मिक और धार्मिक कनेक्टिविटी के साथ साथ काशी विश्वनाथ को पशुपतिनाथ से तथा सारनाथ को लुंबिनी से जोड़ना इस रोडशो का प्रमुख उद्देश्य है। “यह पहल नेपाल और भारत की समृद्ध सांस्कृतिक, धार्मिक और आध्यात्मिक विरासत को बढ़ावा देने के साथ साथ सीमा पार सहयोग को और गहरा करने की हमारी साझा प्रतिबद्धता को दर्शाती है,” उन्होंने कहा।वाराणसी रोडशोका आयोजन मे निक्कीसहित नेपाल पर्यटन बोर्ड, बुद्ध एयर, नई दिल्ली स्थित नेपाली दूतावास तथा कन्फेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री के समन्वय से हो रहा है।

निक्कीद्वारा वाराणसी में पहली बार नेपाल पर्यटन रोडशो का आयोजन
वाराणसी, ३० जनवरीः नेपाल–भारत चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (निक्की) ३० जनवरी को वाराणसी में पहली बार नेपाल पर्यटन रोडशोका आयोजन कर रहा है। यह पहल नेपाल और भारत के बीच पर्यटन सहयोग तथा जन जन के आपसी संबंधों को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
रोडशो में भाग लेने के लिए नेपाल से आए एक दर्जन से अधिक सदस्यों का प्रतिनिधिमंडल शुक्रवार को वाराणसी पहुँचा। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व निक्कीकी इमीडिएट पास्ट प्रेसिडेंट सिर्जना राणा कर रही हैं। इसमें निक्क्ी के उपाध्यक्ष कुनाल कयल, कार्यकारी सदस्य शशिकांत अग्रवाल सहित नेपाल के प्रमुख पर्यटन ब्यावसायी और होटल व्यवसायी शामिल हैं।
इस रोडशो का उद्देश्य विशेष रूप से पूर्वी उत्तर प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों के भारतीय पर्यटकों के बीच नेपाल को एक पसंदीदा पर्यटन गंतव्य के रूप में स्थापित करना है। स्थानीय पर्यटन ब्यावसायी और होटल व्यवसायी से प्रत्यक्ष संवाद के माध्यम से नेपाल के विविध पर्यटक स्थानों—तीर्थ एवं आध्यात्मिक पर्यटन, साहसिक पर्यटन, स्पस्थ्य पर्यटन, सांस्कृतिक विरासत और आतिथ्य कार्यक्रममे प्रस्तुत किया जाएगा।
नेपाल से गहरे ऐतिहासिक और धार्मिक संबंध रखने वाला प्रमुख आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक केंद्र होने के कारण वाराणसी को भारत में निक्कीके पहले पर्यटन केंद्रित रोडशो के लिए चुना गया है। निक्क्ी अधिकारियों के अनुसार, वाराणसी की मजबूत आध्यात्मिक पहचान इसे सीमा पार पर्यटन सहयोग को बढ़ावा देने के लिए एक उपयुक्त मंच बनाती है।
कार्यक्रम का एक प्रमुख आकर्षण “नेपाल और भारत का धार्मिक एवं आध्यात्मिक सर्किट” पुस्तक का विमोचन होगा। जिसमें दोनों देशों की साझा आध्यात्मिक विरासत और तीर्थ मार्गों को रेखांकित किया गया है। पुस्तक में रामायण सर्किट, शिव एवं शक्ति सर्किट, बुद्ध सर्किट तथा सिख सर्किट सहित विभिन्न आध्यात्मिक मार्गों का विवरण दिया गया है।
रोडशो में चौधरी ग्रुप के चेयरमैन और प्रख्यात उद्योगपति एवं पूर्व सांसद बिनोद चौधरी का मुख्य भाषण (कीनोट एड्रेस) भी होगा। वे फोब्र्स सूची में शामिल एकमात्र नेपाली डलर अरबपति हैं।
इस कार्यक्रम में भारत के ८० से अधिक ट्रैवल एवं टूरिज़्म संगठनों के साथ साथ व्यावसायिक जगत के प्रतिनिधियों के भाग ले रहे है। यह पहल दोनों देशों के पर्यटन हितधारकों के बीच बिज़नेस टू बिज़नेस नेटवर्किंग को बढ़ावा देने, सहयोग के नए अवसर तलाशने और आने वाले पर्यटन सीज़न में नेपाल में पर्यटकों की संख्या बढ़ाने में सहायक सिद्ध होने की उम्मीद है।
निक्की के अध्यक्ष सुनील केसी के अनुसार, अन्य प्रमुख आध्यात्मिक और धार्मिक कनेक्टिविटी के साथ साथ काशी विश्वनाथ को पशुपतिनाथ से तथा सारनाथ को लुंबिनी से जोड़ना इस रोडशो का प्रमुख उद्देश्य है। “यह पहल नेपाल और भारत की समृद्ध सांस्कृतिक, धार्मिक और आध्यात्मिक विरासत को बढ़ावा देने के साथ साथ सीमा पार सहयोग को और गहरा करने की हमारी साझा प्रतिबद्धता को दर्शाती है,” उन्होंने कहा।
वाराणसी रोडशोका आयोजन मे निक्कीसहित नेपाल पर्यटन बोर्ड, बुद्ध एयर, नई दिल्ली स्थित नेपाली दूतावास तथा कन्फेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री के समन्वय से हो रहा है।

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