व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास और उद्यमशीलता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत नौवें बजट को ‘विकसित भारत’ के संकल्प को साकार करने वाला बताया है।

यह बजट भारत को विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने, निर्यात में अग्रणी बनाने और युवाओं, किसानों, श्रमिकों तथा उद्यमियों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक ठोस रूपरेखा प्रस्तुत करता है।

बजट में युवाओं को रोजगार, किसानों को सम्मान और विशेषकर एमएसएमई क्षेत्र को मजबूती देने के लिए 10 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

5 लाख तक की आबादी वाले शहरों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने की घोषणा से उत्तर प्रदेश के अनेक शहरों सहित मुजफ्फरनगर को भी लाभ मिलेगा।

यह बजट “युवा शक्ति-संचालित बजट” के रूप में उभरा है, जो विकसित भारत युवा नेता संवाद 2026 से प्राप्त विचारों से प्रेरित है।

शिक्षा से रोजगार और उद्यम तक की यात्रा को सुदृढ़ करने के लिए एक उच्च-शक्ति स्थायी समिति के गठन का प्रस्ताव किया गया है।

स्वास्थ्य, पशुपालन, डिजाइन, शिक्षा, पर्यटन और खेल जैसे क्षेत्रों में पेशेवर मानव संसाधन के निर्माण पर विशेष बल दिया गया है।

किसानों की आय बढ़ाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त करने के लिए पशुपालन, उच्च मूल्य कृषि, भारत-विस्टार जैसी एआई आधारित पहल तथा महिला नेतृत्व वाले उद्यमों को बढ़ावा देने के लिए SHE-मार्ट्स की स्थापना की जाएगी।

दिव्यांगजनों के सशक्तीकरण के लिए कौशल आधारित योजनाएं और सहायक उपकरणों के निर्माण को बढ़ावा देने हेतु एएलआईएमसीओ को सशक्त किया जाना समावेशी विकास की दिशा में सरकार की संवेदनशील सोच को दर्शाता है।

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्वांटम तकनीक और अनुसंधान व नवाचार को प्रोत्साहित करने वाले मिशन भारत को तकनीकी रूप से अग्रणी बनाने में सहायक सिद्ध होंगे।

यह बजट भारत को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने का सशक्त विजन है और यह भारत की प्रगति, समृद्धि और आत्मनिर्भरता की नई कहानी लिखेगा।

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