
मनोज तिवारी ने कहा कि यह परिवर्तन “न्यू काशी” की स्पष्ट तस्वीर पेश करता है। उन्होंने इस बदलाव का श्रेय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की दूरदर्शी सोच और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कुशल नेतृत्व व प्रभावी क्रियान्वयन को दिया। उन्होंने कहा कि आज काशी में बुनियादी ढांचे का अभूतपूर्व विकास हुआ है, जिसका लाभ खिलाड़ियों के साथ-साथ आम जनता को भी मिल रहा है।
इस दौरान मनोज तिवारी ने पिछली सरकारों पर भी निशाना साधते हुए कहा कि पहले शासन व्यवस्था का ध्यान सीमित लोगों के विकास तक ही रहता था, जबकि वर्तमान नेतृत्व का फोकस देश और समाज के समग्र विकास पर है। उन्होंने 2014 का उदाहरण देते हुए कहा कि जब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी शपथ लेने जा रहे थे, तब उनकी माता ने उन्हें केवल 100 रुपये दिए थे, जो उनके संस्कार, सादगी और ईमानदारी को दर्शाता है।
सांसद ने महापौर अशोक तिवारी का विशेष रूप से आभार जताते हुए कहा कि उनके प्रयासों से इतने बड़े स्तर पर 72वीं सीनियर नेशनल वॉलीबॉल चैंपियनशिप का सफल आयोजन संभव हो सका है। उन्होंने कहा कि महापौर ने यह स्पष्ट संदेश दिया है कि जब शहर में बेहतर खेल अधोसंरचना मौजूद है, तो उसका अधिकतम उपयोग करते हुए काशी को खेलों का प्रमुख केंद्र बनाया जाना चाहिए।
अंत में मनोज तिवारी ने कहा कि आज काशी सिर्फ आध्यात्मिक और सांस्कृतिक राजधानी ही नहीं रही, बल्कि खेल, व्यापार और पर्यटन के क्षेत्र में भी तेजी से आगे बढ़ रही है। सिगरा स्टेडियम में आयोजित यह राष्ट्रीय प्रतियोगिता न केवल खिलाड़ियों के लिए प्रेरणास्रोत है, बल्कि पूरे देश को यह संदेश देती है कि वाराणसी हर क्षेत्र में नई ऊंचाइयों की ओर अग्रसर है।