प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में ध्वस्तीकरण का कार्य सुबह से शुरू हुआ। इसके साथ ही पहले से तोड़े जा चुके भवनों के मलबे को हटाने का काम भी लगातार जारी है। पूरे क्षेत्र को छावनी में तब्दील कर दिया गया है और आम लोगों की आवाजाही पर नियंत्रण रखा गया है।
मंगलवार को दालमंडी क्षेत्र में चौथे और पांचवें भवन को गिराने की कार्रवाई शुरू की गई, जो अब तक की सबसे बड़ी संयुक्त कार्रवाई मानी जा रही है। कुल छह ऐसे भवन हैं जिन्हें वीडीए ने अवैध घोषित किया है और सभी को एक साथ ध्वस्त किया जा रहा है।
इस संबंध में लोक निर्माण विभाग (PWD) के कार्यकारी अभियंता केके सिंह ने बताया कि पिछले तीन से चार दिनों से लगातार माइक के जरिए मकान खाली करने की घोषणा की जा रही थी। इसके बावजूद संबंधित लोग भवन खाली नहीं कर रहे थे, जिसके चलते मजबूरन प्रशासन को कार्रवाई करनी पड़ी।
केके सिंह ने बताया कि दालमंडी क्षेत्र में कुल 181 भवन चिन्हित किए गए हैं, जिनमें से अब तक 75 मकानों की रजिस्ट्री हो चुकी है। शेष भवनों को लेकर भी आगे चरणबद्ध तरीके से कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन का कहना है कि यह कार्रवाई कानून व्यवस्था बनाए रखने और शहरी विकास योजना को गति देने के उद्देश्य से की जा रही है। फिलहाल ध्वस्तीकरण का कार्य जारी है और पूरे क्षेत्र पर प्रशासन की कड़ी निगरानी बनी हुई है।