
पुलिस की कार्रवाई और घेराबंदी
जानकारी के मुताबिक, अश्विनी सिंह अपने समर्थकों के साथ लखनऊ के लिए रवाना होने वाले थे, तभी भारी पुलिस बल के साथ चौबेपुर पुलिस उनके आवास पर पहुँची और उन्हें घर से बाहर निकलने पर पाबंदी लगा दी। पुलिस का तर्क है कि कानून-व्यवस्था और शांति बनाए रखने के लिए यह एहतियाती कदम उठाया गया है।
समर्थकों का भारी जमावड़ा
जैसे ही अश्विनी सिंह के हाउस अरेस्ट की खबर जिले में फैली, क्षत्रिय महासभा के कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों में आक्रोश फैल गया। देखते ही देखते उनके आवास पर समर्थकों का तांता लग गया। मौके पर पहुँचे नेताओं ने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताया।
मौके पर पहुँचने वाले प्रमुख सहयोगी:
दिनेश सिंह
राघवेन्द्र सिंह
अतुल सिंह
चंदन सिंह
अंकित सिंह
आकाश सिंह
अगली रणनीति पर विचार
अश्विनी सिंह ‘रामबाबू’ ने नज़रबंदी के दौरान कहा कि युवाओं के हक की आवाज़ को दबाया नहीं जा सकता। कार्यकर्ताओं का कहना है कि अगर उन्हें जल्द रिहा नहीं किया गया, तो संगठन उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होगा। वर्तमान में उनके आवास के बाहर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।