
उपमुख्यमंत्री ने परिजनों के बीच बैठकर अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं और दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। उन्होंने कहा कि यह परिवार के लिए अपूरणीय क्षति है, जिसकी भरपाई संभव नहीं है।
इस दौरान पत्रकार जगत से जुड़े कई लोग, स्थानीय जनप्रतिनिधि और भाजपा कार्यकर्ता भी मौजूद रहे।
सभी ने मिलकर परिवार को ढांढस बंधाया और दिवंगत के प्रति श्रद्धांजलि अर्पित की।
यह मुलाकात केवल औपचारिकता नहीं बल्कि सामाजिक और मानवीय जिम्मेदारी का हिस्सा है। किसी भी जनप्रतिनिधि का इस तरह शोकग्रस्त परिवार तक पहुंचना संवेदनशील राजनीति की पहचान माना जाता है। वहीं, इस घटना ने यह भी दिखाया कि पत्रकार और राजनीतिक समाज के बीच व्यक्तिगत रिश्ते भी गहरे स्तर पर जुड़े होते हैं।