
आरोप है कि थानेदार ने रेप के केस में फाइनल रिपोर्ट लगाने के बदले अपने ही ऑफिस में यह रकम कैश में ली थीं
बताया जा रहा है कि शिकायतकर्ता के खिलाफ पहले से फर्जी केस दर्ज था
जो कथित तौर पर सेटिंग के जरिए दर्ज कराया गया था
इसी केस को “निपटाने” के नाम पर रिश्वत की मांग की गई,
जिसकी शिकायत पर एंटी करप्शन ने जाल बिछाकर कार्रवाई की।