चंदौली। वन विभाग की कार्यप्रणाली से चंधासी कोयलामंडी क्षेत्र में जाम, ट्रांजिट शुल्क के नाम पर अवैध वसूली के आरोप।

चन्दौली। जनपद के मुगलसराय स्थित एशिया की प्रसिद्ध चंधासी कोयलामंडी क्षेत्र में इन दिनों वन विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। कोयला लदे ट्रकों के आवागमन के दौरान ट्रांजिट शुल्क कटवाने की प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं के चलते क्षेत्र में आए दिन भीषण जाम की स्थिति उत्पन्न हो रही है, जिससे आमजन को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, कोयला लेकर जाने वाले ट्रकों को आगे बढ़ने से पूर्व वन विभाग के माध्यम से ट्रांजिट शुल्क जमा करना अनिवार्य होता है। आरोप है कि इस प्रक्रिया के दौरान तैनात कर्मचारियों द्वारा निर्धारित शुल्क के अतिरिक्त “सुविधा शुल्क” की मांग की जाती है। जिन ट्रक चालकों द्वारा अतिरिक्त भुगतान नहीं किया जाता, उनके वाहनों को बिना किसी स्पष्ट कारण के घंटों तक रोके रखा जाता है।

इस कथित मनमानी के कारण सड़क पर ट्रकों की लंबी कतार लग जाती है, जिससे मुगलसराय रेलवे स्टेशन जाने वाले यात्रियों, वाराणसी की ओर आवागमन करने वाले नागरिकों, विद्यार्थियों तथा मरीजों को गंभीर दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। जाम की समस्या से स्थानीय व्यापार और दैनिक जीवन भी प्रभावित हो रहा है।

स्थानीय लोगों एवं कोयला व्यापारियों का कहना है कि वन विभाग द्वारा आउटसोर्सिंग के माध्यम से लगाए गए कुछ कर्मचारी भी इस अवैध वसूली में संलिप्त बताए जा रहे हैं। ट्रक चालकों के साथ आए दिन अभद्र व्यवहार एवं अनावश्यक विलंब की शिकायतें सामने आ रही हैं, जिससे आक्रोश बढ़ता जा रहा है।

क्षेत्रीय नागरिकों, व्यापारियों एवं परिवहन से जुड़े लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराई जाए तथा दोषी पाए जाने वाले कर्मचारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि इस प्रकार की अव्यवस्थाओं पर रोक लग सके और आमजन को राहत मिल सके।

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