
अयोध्या/कोलकाता/जौनपुर। पश्चिम बंगाल के नवनियुक्त मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के पीए चंद्रनाथ रथ हत्याकांड में बड़ा खुलासा हुआ है। उत्तर प्रदेश पुलिस और पश्चिम बंगाल पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में मुख्य आरोपी राज सिंह उर्फ चंदन को अयोध्या से गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तारी के बाद पश्चिम बंगाल पुलिस उसे ट्रांजिट रिमांड पर कोलकाता लेकर रवाना हो गई।
पुलिस के मुताबिक, बलिया के आनंद नगर निवासी राज सिंह उर्फ चंदन इस हाई-प्रोफाइल हत्या का मुख्य आरोपी है। वह लंबे समय से बिहार के बक्सर में ठिकाना बनाए हुए था। इससे पहले भी वह वर्ष 2020 में एक अंडा कारोबारी की हत्या के मामले में जेल जा चुका है और फिलहाल जमानत पर बाहर था।
सूत्रों के मुताबिक, वारदात को बेहद शातिराना अंदाज में अंजाम दिया गया था, लेकिन भागते समय आरोपियों ने बड़ी गलती कर दी। सिल्वर रंग की कार से फरार होते वक्त बाली टोल प्लाजा पर नकद भुगतान करने के बजाय UPI से टोल चुकाया गया। इसी डिजिटल ट्रांजैक्शन से जुड़े मोबाइल नंबर को ट्रैक कर पुलिस आरोपियों तक पहुंच गई। टोल प्लाजा के हाई-डेफिनिशन कैमरों में कार और उसमें बैठे लोगों की तस्वीरें भी कैद हो गईं।
जांच में अब उत्तर प्रदेश, बिहार, बलिया और जौनपुर कनेक्शन की भी चर्चा तेज हो गई है। सूत्रों का दावा है कि आरोपी राज सिंह की सोशल मीडिया प्रोफाइल पर जौनपुर के एक सजायाफ्ता माफिया पूर्व सांसद के करीबी एमएलसी और कई प्रभावशाली नेताओं के साथ तस्वीरें मौजूद हैं।
इतना ही नहीं, सूत्र यह भी बता रहे हैं कि हाल ही में पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दौरान उक्त पूर्व सांसद धनंजय सिंह अपने करीबी एमएलसी के साथ कुछ खास विधानसभा क्षेत्रों में सक्रिय नजर आए थे। अब सवाल यह उठ रहा है कि क्या आरोपी राज सिंह उर्फ चंदन का कनेक्शन इसी राजनीतिक नेटवर्क से जुड़ा है?
हालांकि, पुलिस ने अभी तक इस एंगल पर आधिकारिक पुष्टि नहीं की है, लेकिन जांच एजेंसियां अब इस पूरे नेटवर्क की पड़ताल में जुटी हैं। हाई-प्रोफाइल मर्डर केस में लगातार हो रहे खुलासों ने सियासी गलियारों में भी हलचल मचा दी है।