अयोध्या। श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे से जुड़े कथित अनियमितता के मामले को लेकर अयोध्या के अधिवक्ताओं ने कड़ा रुख अपनाया है। बार एसोसिएशन ने घोषणा की है कि इस प्रकरण में नामित किसी भी आरोपी की ओर से कोई अधिवक्ता पैरवी नहीं करेगा। यदि कोई वकील आरोपियों का मुकदमा लड़ता है, तो उसके खिलाफ पांच लाख रुपये का जुर्माना लगाने की बात भी कही गई है।
अधिवक्ताओं का कहना है कि यह मामला करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था और राम मंदिर की मर्यादा से जुड़ा है। इसलिए बार एसोसिएशन ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया है कि इस प्रकरण में आरोपियों का साथ नहीं दिया जाएगा।
इसी दौरान अधिवक्ताओं की ओर से यह मांग भी उठाई गई कि मामले में नामित चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव तीन दिनों के भीतर अयोध्या छोड़ दें या फिर उनके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई कर उन्हें जेल भेजा जाए। अधिवक्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि ऐसा नहीं हुआ तो अयोध्या में व्यापक आंदोलन और शहर जाम करने का निर्णय लिया जाएगा।
बार एसोसिएशन का कहना है कि मंदिर से जुड़े मामलों में श्रद्धालुओं की भावनाओं का सम्मान सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी प्रकार की कथित अनियमितता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
नोट: यह मामला आरोपों और अधिवक्ताओं द्वारा किए गए सार्वजनिक बयानों पर आधारित है। आरोपों की न्यायिक पुष्टि होना शेष है और संबंधित पक्षों का पक्ष सामने आने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाना चाहिए।