नई दिल्ली। दिन, दर्जनों मुलाकातें और दुनिया को बड़ा संदेश: भारत की धरती से BRICS ने तय की नई दिशा।

मोदी की कूटनीति का दिखा दम, चीन-रूस समेत कई देशों से अहम बातचीत; व्यापार, AI, ऊर्जा, सप्लाई चेन और वैश्विक शांति पर बनी सहमति

नई दिल्ली। भारत की मेजबानी में नई दिल्ली में आयोजित 18वें BRICS शिखर सम्मेलन ने वैश्विक कूटनीति में भारत की भूमिका को एक बार फिर मजबूती से सामने रखा। तीन दिनों तक चले इस कूटनीतिक कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने BRICS नेताओं के साथ सामूहिक बैठकों के अलावा कई महत्वपूर्ण द्विपक्षीय मुलाकातें कीं। भारत ने सम्मेलन की अध्यक्षता “Building for Resilience, Innovation, Cooperation and Sustainability” यानी लचीलापन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता के आधार पर की।

पहला दिन: रूस, ईरान और वैश्विक मुद्दों पर बातचीत

सम्मेलन की औपचारिक शुरुआत से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात की। दोनों नेताओं ने व्यापार, ऊर्जा, रक्षा, अंतरिक्ष, बुनियादी ढांचे और कौशल के क्षेत्र में सहयोग की समीक्षा की। दोनों देशों के बीच Economic Cooperation Programme 2030 को आगे बढ़ाने पर भी चर्चा हुई।

पश्चिम एशिया और काला सागर क्षेत्र में जारी संघर्षों के कारण समुद्री व्यापार और भारतीय नाविकों की सुरक्षा पर पड़ रहे प्रभाव पर भी बातचीत हुई। प्रधानमंत्री मोदी ने संघर्षों के समाधान के लिए संवाद और कूटनीति को प्राथमिकता देने की बात दोहराई। पुतिन ने प्रधानमंत्री मोदी को रूस में होने वाले अगले भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन के लिए आमंत्रित किया, जिसे मोदी ने स्वीकार कर लिया।

ईरान और अन्य नेताओं के साथ बैठकों में पश्चिम एशिया की स्थिति, क्षेत्रीय शांति और आर्थिक सहयोग प्रमुख मुद्दे रहे।

दूसरा दिन: BRICS नेताओं की बैठक और मोदी-शी जिनपिंग मुलाकात

दूसरे दिन BRICS नेताओं की मुख्य बैठक में वैश्विक अर्थव्यवस्था, व्यापार, विकास, बहुपक्षीय संस्थाओं में सुधार, तकनीक और वैश्विक दक्षिण की भूमिका पर चर्चा हुई।

सबसे ज्यादा नजर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की द्विपक्षीय मुलाकात पर रही। दोनों नेताओं ने भारत-चीन संबंधों को स्थिर और बेहतर बनाने पर चर्चा की। सीमा पर शांति बनाए रखने, व्यापार असंतुलन, बाजार तक पहुंच और दोनों देशों के बीच कारोबारी एवं लोगों के बीच संपर्क बढ़ाने जैसे मुद्दे भी बातचीत का हिस्सा रहे।

तीसरा दिन: समझौतों और साझा घोषणाओं पर जोर

तीसरे दिन सम्मेलन के परिणामों को अंतिम रूप दिया गया। BRICS देशों ने New Delhi Declaration जारी किया, जिसमें वैश्विक शांति, अंतरराष्ट्रीय कानून, बहुपक्षीय व्यवस्था में सुधार, विकासशील देशों की आवाज मजबूत करने और आर्थिक सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया गया।

बैठक में व्यापार और निवेश को बढ़ावा देने के साथ-साथ AI, डिजिटल तकनीक, स्टार्टअप, लॉजिस्टिक्स और सप्लाई चेन में सहयोग को आगे बढ़ाने पर जोर रहा। BRICS Startup Innovation Fund, BRICS Incubator Network और Logistics-Supply Chain Cooperation Framework जैसे प्रस्तावों को आगे बढ़ाया गया। इन पहलों का उद्देश्य सदस्य देशों के स्टार्टअप, नवाचार और व्यापारिक नेटवर्क को जोड़ना है।

AI और नई तकनीक पर भी बड़ा फोकस

BRICS के विस्तार के साथ कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी AI को भी सहयोग के प्रमुख क्षेत्रों में शामिल किया गया। चीन की ओर से BRICS AI Open Source Zone और सेवा व्यापार से जुड़े नए सहयोग प्रस्ताव सामने रखे गए। इससे सदस्य देशों के बीच तकनीकी सहयोग और डिजिटल अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने की कोशिश दिखाई दी।

पश्चिम एशिया के संकट पर भी साझा रुख

सम्मेलन में पश्चिम एशिया की स्थिति पर भी चर्चा हुई। BRICS देशों ने तनाव कम करने, संयम बरतने और क्षेत्र में शांति की दिशा में प्रयास करने की जरूरत पर जोर दिया। साझा घोषणा में फिलिस्तीनियों के जबरन विस्थापन का भी विरोध दर्ज किया गया।

भारत के लिए क्या रहा सबसे बड़ा हासिल?

भारत की BRICS अध्यक्षता के दौरान आर्थिक सहयोग, स्टार्टअप, AI, डिजिटल तकनीक, स्वास्थ्य, आपदा प्रबंधन, सप्लाई चेन और वैश्विक दक्षिण से जुड़े कई क्षेत्रों में 50 से अधिक व्यावहारिक परिणाम सामने आने की जानकारी दी गई।

तीन दिनों की बैठकों में प्रधानमंत्री मोदी ने करीब 15 औपचारिक द्विपक्षीय मुलाकातें कीं। रूस, चीन, ईरान, मलेशिया, इथियोपिया समेत कई देशों के नेताओं के साथ बातचीत के जरिए भारत ने व्यापार और रणनीतिक संबंधों को मजबूत करने का संदेश दिया।

कुल मिलाकर, नई दिल्ली में हुआ BRICS सम्मेलन सिर्फ बैठकों और घोषणाओं तक सीमित नहीं रहा। भारत ने आर्थिक सहयोग, तकनीकी साझेदारी, वैश्विक दक्षिण की आवाज और बहुपक्षीय संस्थाओं में सुधार के मुद्दों को प्रमुखता देते हुए BRICS को व्यावहारिक सहयोग का मंच बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया।

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