लखनऊ, 8 अगस्त 2026। प्रदेश सरकार ने विद्यार्थियों को बेहतर करियर मार्गदर्शन और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए नई पहल शुरू की है। अब जिलों में तैनात युवा IAS, IPS और IFS अधिकारी हर माह कम से कम एक इंटरमीडिएट विद्यालय का भ्रमण कर विद्यार्थियों से सीधा संवाद करेंगे।
इस दौरान अधिकारी अपने अनुभव, जीवन संघर्ष और कार्यशैली साझा करते हुए विद्यार्थियों को करियर नियोजन, लक्ष्य निर्धारण, प्रभावी अध्ययन, समय प्रबंधन और आत्मानुशासन के बारे में मार्गदर्शन देंगे। कार्यक्रमों में औपचारिक भाषण के बजाय सहभागितापूर्ण चर्चा और प्रश्नोत्तर पर विशेष जोर रहेगा, जिससे विद्यार्थी अधिकारियों से सीधे अपने सवाल पूछ सकेंगे।
विद्यार्थियों को UPSC, UPPSC, UPSSSC, SSC, NDA, IIT-JEE, NEET, CUET सहित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के संबंध में जानकारी दी जाएगी। साथ ही उच्च शिक्षा, तकनीकी एवं व्यावसायिक शिक्षा, रोजगार, उद्यमिता और स्टार्टअप के अवसरों से भी अवगत कराया जाएगा।
संवाद कार्यक्रमों में वित्तीय कौशल, संचार कौशल, व्यापार प्रबंधन, साइबर सुरक्षा, नशामुक्ति, तनाव प्रबंधन और आत्मविश्वास विकास जैसे विषय भी शामिल किए जाएंगे। इसके अलावा केंद्र और प्रदेश सरकार की युवाओं से जुड़ी प्रमुख योजनाओं की जानकारी भी विद्यार्थियों को दी जाएगी।
अपर मुख्य सचिव माध्यमिक शिक्षा पार्थ सारथी सेन शर्मा ने कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन और अनुश्रवण के निर्देश दिए हैं। मंडलायुक्त समय-समय पर कार्यक्रमों की समीक्षा करेंगे, जबकि जिला विद्यालय निरीक्षक संबंधित विद्यालयों और अधिकारियों के बीच समन्वय स्थापित करेंगे।
निर्देशों के अनुसार जिलाधिकारी प्रत्येक माह कार्यक्रमों का कैलेंडर तैयार करेंगे। आयोजित कार्यक्रमों की रिपोर्ट प्रत्येक माह की 5 तारीख तक शासन के माध्यमिक शिक्षा विभाग को भेजनी होगी। रिपोर्ट में विद्यालय का नाम, भ्रमण करने वाले अधिकारी, संवाद के प्रमुख विषय और विद्यार्थियों के सुझावों का विवरण शामिल किया जाएगा।
अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा ने कहा कि वरिष्ठ अधिकारियों के अनुभवों से विद्यार्थियों को प्रशासनिक सेवाओं और विभिन्न करियर विकल्पों की व्यावहारिक जानकारी मिलेगी। इससे युवाओं में आत्मविश्वास, सकारात्मक सोच और अपने लक्ष्य के प्रति स्पष्ट दृष्टिकोण विकसित होगा।