
🔷अवैध सूदखोरी (ब्याज माफिया) के विरुद्ध अभियान—पुलिस अधीक्षक द्वारा सख्त कार्रवाई के निर्देश.
चन्दौली– जनपद में अवैध रूप से ब्याज पर पैसा उधार देने वाले और कर्ज के नाम पर आम जनता का शोषण करने वाले ‘ब्याज माफियाओं’ के विरुद्ध अब पुलिस ने कमर कस ली है। पुलिस अधीक्षक चन्दौली आकाश पटेल द्वारा जनपद के समस्त राजपत्रित अधिकारियों, थाना प्रभारियों एवं थानाध्यक्षों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि ब्याज पर पैसा देने वाले ऐसे व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाए जो बिना लाइसेंस और नियमों के विरुद्ध जाकर गरीब व मजबूर लोगों का मानसिक व आर्थिक उत्पीड़न कर रहे हैं।
अभियान के मुख्य बिंदु और दिशा-निर्देश:
चिन्हीकरण की प्रक्रिया: समस्त थाना प्रभारियों को अपने-अपने क्षेत्र में सक्रिय अवैध ब्याज माफियाओं की सूची तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। विशेष रूप से उन लोगों पर नजर रखी जाएगी जो डरा-धमका कर या सादे कागजों/चेक पर हस्ताक्षर कराकर लोगों की संपत्ति हड़पने का प्रयास करते हैं।
नियम विरुद्ध वसूली पर रोक: उत्तर प्रदेश साहूकारी अधिनियम के अंतर्गत निर्धारित मानकों से अधिक ब्याज वसूलना अपराध की श्रेणी में आता है। बिना पंजीकरण (लाइसेंस) के धन उधार देना पूर्णतः प्रतिबंधित है।
त्वरित कार्रवाई: यदि कोई पीड़ित शिकायत लेकर थाने आता है, तो उसकी बात को प्राथमिकता के आधार पर सुना जाए और साक्ष्यों के आधार पर तत्काल सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत किया जाए।
जागरूकता अभियान: पुलिस अधीक्षक महोदय ने निर्देश दिया है कि गांवों और कस्बों में जन-संवाद के माध्यम से लोगों को जागरूक किया जाए कि वे अवैध सूदखोरों के चंगुल में न फंसें और किसी भी प्रकार के उत्पीड़न की स्थिति में तुरंत पुलिस को सूचित करें।
जनता से अपील:
“कोई भी व्यक्ति यदि ब्याज के कारण परेशान है, या उसे ब्याज के एवज में धमकी दी जा रही है, तो वह निडर होकर अपने संबंधित थाने या सीधे वरिष्ठ अधिकारियों से संपर्क कर सकता है। पीड़ित की पहचान गुप्त रखी जाएगी और दोषियों के विरुद्ध गैंगस्टर एक्ट व अन्य कठोर धाराओं के तहत कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।”