24 साल पुराना शूटआउट केस निर्णायक मोड़ पर: कोर्ट में आमने-सामने धनंजय सिंह और अभय सिंह।

वाराणसी के एमपी-एमएलए कोर्ट में 2002 के चर्चित नदेसर फायरिंग कांड में सुनवाई तेज हो गई है। इस हाई-प्रोफाइल केस में पूर्व सांसद धनंजय सिंह खुद अदालत में पेश हुए, जबकि मुख्य आरोपी अभय सिंह का बयान पहले ही दर्ज किया जा चुका है। मामले में जल्द फैसला आने की संभावना जताई जा रही है।

क्या था पूरा मामला?
साल 2002 में कैंट थाना क्षेत्र के नदेसर स्थित टकसाल सिनेमा के पास धनंजय सिंह पर जानलेवा हमला हुआ था। आरोप है कि अभय सिंह अपने साथियों के साथ बोलेरो से उतरकर ताबड़तोड़ फायरिंग की, जिसमें धनंजय सिंह, उनके गनर और ड्राइवर समेत चार लोग घायल हुए थे।
इस मामले में एमएलसी विनीत सिंह सहित कुल सात आरोपियों के नाम सामने आए थे।

वकील वर्जन

वरिष्ठ अधिवक्ता श्रीनाथ त्रिपाठी ने बताया कि मामले में दोनों पक्षों की बहस लगभग पूरी हो चुकी है। साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर कोर्ट किसी भी समय फैसला सुरक्षित रख सकता है या अगली सुनवाई में निर्णय सुना सकता है। उन्होंने संकेत दिए कि संभवतः सोमवार तक इस केस में महत्वपूर्ण फैसला सामने आ सकता है।

राजनीतिक पृष्ठभूमि भी अहम

यह मामला केवल आपराधिक घटना नहीं, बल्कि पूर्वांचल की राजनीति में वर्षों से चली आ रही प्रतिद्वंद्विता को भी दर्शाता है। धनंजय सिंह और अभय सिंह के बीच पुराना विवाद अब कानूनी निष्कर्ष की ओर बढ़ रहा है।

क्या आगे?
करीब 24 साल पुराने इस केस में अब सभी की नजर कोर्ट के फैसले पर टिकी है, जो पूर्वांचल की राजनीति और कानून व्यवस्था दोनों के लिए अहम माना जा रहा है।

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