वाराणसी।दवा विक्रेता समिति ने औषधि प्रतिष्ठानों को जारी नोटिसों पर न्यायोचित कार्रवाई की मांग उठाई।

वाराणसी। दवा विक्रेता समिति, वाराणसी ने औषधि अनुज्ञापन प्राधिकारी (विक्रय), वाराणसी मंडल को एक प्रतिनिधित्व पत्र सौंपकर औषधि विक्रय प्रतिष्ठानों को जारी कारण बताओ नोटिसों के संबंध में न्यायोचित एवं सहानुभूतिपूर्ण दृष्टिकोण अपनाने की मांग की है।

समिति के महामंत्री संजय सिंह द्वारा दिए गए प्रतिनिधित्व में कहा गया है कि हाल ही में जनपद के कुछ दवा प्रतिष्ठानों को निरीक्षण के बाद कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं, जिनमें मुख्य रूप से किरायानामा, क्षेत्रफल, विक्रय अभिलेख तथा अन्य अभिलेखीय कमियों का उल्लेख किया गया है।

समिति ने अपने पत्र में स्पष्ट किया है कि खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन उत्तर प्रदेश द्वारा चलाए गए विशेष सत्यापन अभियान का मुख्य उद्देश्य कोडीन युक्त औषधियों के दुरुपयोग की रोकथाम तथा फर्जी, अस्तित्वहीन एवं गैर-संचालित औषधि प्रतिष्ठानों की पहचान करना था। निरीक्षण के दौरान जिन प्रतिष्ठानों को नोटिस जारी किए गए हैं, वे सभी अपने लाइसेंस प्राप्त पते पर वर्षों से संचालित पाए गए तथा वास्तविक रूप से कार्यरत हैं। इससे यह सिद्ध होता है कि वे न तो फर्जी हैं और न ही गैर-संचालित।

प्रतिनिधित्व पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि निरीक्षण रिपोर्ट में कहीं भी नकली, जाली, प्रतिबंधित, एक्सपायर्ड अथवा बिना स्रोत की दवाओं के पाए जाने का उल्लेख नहीं है। साथ ही ऐसी कोई गंभीर अनियमितता भी सामने नहीं आई है जिससे जनस्वास्थ्य प्रभावित होता हो।

समिति का कहना है कि अधिकांश आपत्तियां तकनीकी एवं अभिलेखीय प्रकृति की हैं, जिन्हें संबंधित प्रतिष्ठानों द्वारा निर्धारित समय में दूर किया जा सकता है। कई प्रतिष्ठान वर्षों से विभाग द्वारा प्रदत्त वैध लाइसेंस के तहत संचालित हैं और उनके लाइसेंस का समय-समय पर नवीनीकरण भी होता रहा है।

दवा विक्रेता समिति ने प्रशासन से अनुरोध किया है कि वास्तविक एवं वैध रूप से संचालित औषधि प्रतिष्ठानों को आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने तथा कमियों के निराकरण का पर्याप्त अवसर दिया जाए। समिति ने यह भी मांग की है कि केवल तकनीकी अथवा अभिलेखीय कमियों के आधार पर लाइसेंस निलंबन या निरस्तीकरण जैसी कठोर कार्रवाई से बचा जाए।

समिति ने भरोसा जताया है कि विभाग सत्यापन अभियान के मूल उद्देश्य, वास्तविक तथ्यों तथा प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों को ध्यान में रखते हुए उचित एवं व्यावहारिक निर्णय करेगा।

इस प्रतिनिधित्व की प्रतिलिपि आयुक्त, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन उत्तर प्रदेश, सहायक आयुक्त (औषधि) वाराणसी मंडल, ऑर्गेनाइजेशन ऑफ केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन (OCDUP) के अध्यक्ष दिवाकर सिंह तथा महामंत्री सुधीर अग्रवाल को भी प्रेषित की गई है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *