
काशी विश्वनाथ मंदिर में 90 दिन की मंगला आरती
वाराणसी,। 03 मई। महानगर कांग्रेस कमेटी वाराणसी द्वारा आज श्री काशी विश्वनाथ मंदिर परिसर में लागू की गई विभिन्न जनविरोधी व्यवस्थाओं, मंगला आरती टिकट बुकिंग पर लगाए गए 90 दिन के प्रतिबंध, ऐप आधारित दर्शन प्रणाली, स्थानीय श्रद्धालुओं की लगातार हो रही उपेक्षा तथा मंदिर प्रशासन की कार्यशैली के विरोध में प्रस्तावित पदयात्रा को प्रशासन ने बलपूर्वक रोक दिया। प्रशासन की इस कार्रवाई को कांग्रेस नेताओं ने लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताते हुए कड़ी निंदा की है।
— महानगर कांग्रेस कमेटी की ओर से आज दिनांक 03 मई को मंडल आयुक्त वाराणसी को एक विस्तृत मांग पत्र भेजा गया था, जिसमें काशीवासियों की आस्था, मंदिर दर्शन व्यवस्था और प्रशासनिक अव्यवस्थाओं से जुड़े गंभीर विषय उठाए गए थे। साथ ही पार्टी द्वारा मैदागिन स्थित महानगर कांग्रेस कमेटी कार्यालय से श्री काशी विश्वनाथ मंदिर तक शांतिपूर्ण पदयात्रा का आह्वान किया गया था, ताकि जनभावनाओं को प्रशासन तक पहुंचाया जा सके।
कांग्रेस नेताओं के अनुसार, इस शांतिपूर्ण कार्यक्रम से घबराए प्रशासन ने कल देर रात से ही दमनात्मक कार्रवाई शुरू कर दी। कई वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं, युवा नेताओं पूर्व जिलाध्यक्ष प्रजानाथ शर्मा, महानगर अध्यक्ष युवा कांग्रेस चंचल शर्मा तथा सक्रिय कार्यकर्ताओं को उनके घरों पर ही नजरबंद कर दिया गया। अनेक कार्यकर्ताओं को घर से बाहर निकलने से रोका गया, जबकि कई स्थानों पर पुलिस बल तैनात कर कांग्रेसजनों की गतिविधियों पर निगरानी रखी गई।
इसके बावजूद बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता, पदाधिकारी और समर्थक मैदागिन स्थित महानगर कांग्रेस कमेटी कार्यालय पर एकत्रित कार्यकर्ताओं ने बाबा विश्वनाथ के जयकारों, लोकतंत्र बचाओ, आस्था पर हमला बंद करो तथा काशीवासियों के अधिकार बहाल करो जैसे नारों के साथ अपना विरोध दर्ज कराया।
महानगर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे के नेतृत्व में जैसे ही कांग्रेसजन पदयात्रा के लिए कार्यालय से बाहर निकले और श्री काशी विश्वनाथ मंदिर की ओर बढ़ने लगे, पहले से तैनात भारी पुलिस बल ने बैरिकेडिंग कर उन्हें रोक दिया। प्रशासन ने कार्यकर्ताओं को आगे बढ़ने की अनुमति नहीं दी। इस दौरान कुछ समय तक तीखी नोकझोंक भी हुई, लेकिन कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने शांतिपूर्ण ढंग से अपना विरोध जारी रखा।
महानगर कांग्रेस कमेटी द्वारा भेजे गए मांग पत्र में कहा गया कि श्री काशी विश्वनाथ बाबा का दरबार करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है, इसे व्यापारिक मॉडल, डिजिटल नियंत्रण या प्रशासनिक प्रयोगशाला में बदलने का प्रयास कदापि स्वीकार्य नहीं है। पत्र में कहा गया कि काशी की आत्मा उसकी धार्मिक परंपराओं, सहज दर्शन व्यवस्था और भक्तों की स्वतंत्र आस्था में बसती है, जिसे वर्तमान व्यवस्थाओं से आहत किया जा रहा है।
मांग पत्र में प्रमुख रूप से निम्न मांगें रखी गईं—
- मंगला आरती टिकट बुकिंग पर एक बार दर्शन के बाद 90 दिन की समय सीमा तय करने का निर्णय तत्काल वापस लिया जाए।यह निर्णय श्रद्धालुओं की धार्मिक स्वतंत्रता पर अनावश्यक प्रतिबंध है। मंगला आरती कोई मनोरंजन कार्यक्रम नहीं, बल्कि भक्तों की गहरी आध्यात्मिक भावना से जुड़ी परंपरा है।
- मंदिर प्रशासन में कार्यरत भ्रष्ट, विवादित एवं बदनाम अधिकारियों को तत्काल जिम्मेदारियों से मुक्त किया जाए।मंदिर प्रशासन पारदर्शी, संवेदनशील और जवाबदेह होना चाहिए।
- काशीवासियों के लिए सुगम दर्शन हेतु निर्धारित प्रवेश द्वार और समय सीमा बढ़ाई जाए।स्थानीय लोगों को अपने आराध्य के दर्शन के लिए परेशान होना पड़ रहा है, जो दुर्भाग्यपूर्ण है।
- ऐप आधारित दर्शन व्यवस्था समाप्त कर पूर्व की भांति सरल, सहज और सर्वसुलभ दर्शन व्यवस्था लागू की जाए।डिजिटल माध्यमों के कारण आम, गरीब, बुजुर्ग और तकनीकी जानकारी से वंचित श्रद्धालुओं को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
- मंदिर में आने वाले चढ़ावे की निष्पक्ष जांच कराई जाए ताकि धनराशि का उपयोग मंदिर हित, सेवा व्यवस्था और श्रद्धालुओं की सुविधा में हो सके।
महानगर अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे ने कहा कि श्री काशी विश्वनाथ बाबा का दरबार करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है। यह कोई प्रशासनिक प्रयोगशाला, टिकट आधारित व्यवसायिक केंद्र या डिजिटल नियंत्रण का मॉडल नहीं है। बाबा के दरबार में दर्शन व्यवस्था ऐसी होनी चाहिए जो सरल, सहज, सुलभ और श्रद्धालु केंद्रित हो।मंगला आरती टिकट बुकिंग पर एक बार दर्शन के बाद 90 दिन की समय सीमा लगाना पूरी तरह अनुचित, अव्यवहारिक और भक्तों की धार्मिक स्वतंत्रता पर कुठाराघात है। मंगला आरती कोई मनोरंजन कार्यक्रम नहीं, बल्कि श्रद्धा, भक्ति और सनातन परंपरा का जीवंत स्वरूप है। कोई अधिकारी यह तय नहीं कर सकता कि भक्त कब और कितनी बार अपने आराध्य के दर्शन करेगा।काशी सदियों से तीर्थ आस्था की नगरी रही है। यहां भक्त और भगवान के बीच कभी कोई दीवार नहीं रही। आज ऐप, ऑनलाइन स्लॉट, प्रतिबंध, बैरिकेडिंग और प्रशासनिक आदेशों के माध्यम से उस परंपरा को कमजोर करने का प्रयास किया जा रहा है। यह काशी की आत्मा पर प्रहार है।स्थानीय श्रद्धालुओं को अपने ही आराध्य के दर्शन के लिए घंटों परेशान होना पड़ रहा है, जबकि बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं को भी जटिल व्यवस्थाओं का सामना करना पड़ता है। बुजुर्ग, गरीब, तकनीकी जानकारी से वंचित लोग ऐप आधारित व्यवस्था में सबसे अधिक पीड़ित हैं। कांग्रेस पार्टी ऐसी भेदभावपूर्ण व्यवस्था को स्वीकार नहीं करेगी।यदि प्रशासन पारदर्शी है तो शिकायतें लगातार क्यों बढ़ रही हैं? यदि मंदिर सेवा के लिए है तो श्रद्धालु असहज क्यों हैं? इसका उत्तर प्रशासन को देना होगा।मंदिर प्रशासन में कार्यरत भ्रष्ट, विवादित एवं बदनाम अधिकारियों को तत्काल जिम्मेदारियों से हटाया जाए तथा संपूर्ण व्यवस्था की निष्पक्ष समीक्षा हो। मंदिर में आने वाले चढ़ावे और आय के उपयोग की भी पारदर्शी जांच कराई जाए ताकि धनराशि श्रद्धालुओं की सुविधा, सेवा और धर्मार्थ कार्यों में लगे।कांग्रेस पार्टी बाबा विश्वनाथ की आस्था पर किसी प्रकार का प्रशासनिक पहरा बर्दाश्त नहीं करेगी। काशीवासियों का अपने आराध्य पर पहला अधिकार है। यहां के लोगों को दर्शन के लिए अपमानित, प्रताड़ित या सीमित नहीं किया जा सकता।
…….आगे की कड़ी में राघवेंद्र चौबे ने प्रशासन द्वारा पदयात्रा रोके जाने पर कहा कि:- लोकतंत्र में जनता की आवाज को रोकना, विपक्ष को नजरबंद करना और शांतिपूर्ण कार्यक्रमों पर प्रतिबंध लगाना स्वस्थ परंपरा नहीं है। प्रशासन को दमन छोड़कर संवाद का रास्ता अपनाना चाहिए।यदि एक सप्ताह के भीतर मांग पत्र पर निष्पक्ष जांच कर जनहित में उचित कार्रवाई नहीं की गई तो महानगर कांग्रेस कमेटी व्यापक जनआंदोलन शुरू करेगी। सड़क से लेकर सदन तक और जनता से लेकर न्यायालय तक संघर्ष किया जाएगा। इसकी पूरी जिम्मेदारी स्थानीय प्रशासन की होगी।
—— उन्होंने उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष आदरणीय अजय राय जी के उत्तम स्वास्थ्य, शीघ्र स्वस्थ होने एवं दीर्घायु जीवन की मंगलकामना करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में कांग्रेस पार्टी काशी की अस्मिता, आस्था और जनता के अधिकारों की लड़ाई निरंतर लड़ती रहेगी।
….आज की घटना ने सिद्ध कर दिया है कि प्रशासन समस्याओं का समाधान करने के बजाय जनआवाज को दबाने में लगा है, लेकिन काशी की जनता अपनी आस्था, अधिकार और सम्मान की रक्षा के लिए हर लोकतांत्रिक संघर्ष में डटकर खड़ी रहेगी।
उक्त अवसर पर राघवेन्द्र चौबे,सतनाम सिंह,प्रवीन प्रकाश ,सैय्यद हसन,रमजान अली,वकील अंसारी,सुनील श्रीवास्तव,अशलम खां,संतोष चौरसिया,राजेन्द्र गुप्ता,अनुराधा यादव,पूनम विश्वशर्मा, हसन मेहदी कब्बन,प्रमोद वर्मा,अखिलेश पाण्डेय,मनोज वर्मा,खालिद सिद्दीकी,आशिष केशरी,मोनाजिर मंजू ,आकाश त्रिपाठी, शमसाद खां,गोपाल चौबे,पुलक,वंदना जायसवाल,, इमरान,समेत सैकड़ो पदाधिकारी व कार्यकर्ताओं उपस्थित रहे ।।
दिनांक :- 03/05/2026
— सादर
राघवेन्द्र चौबे
महानगर अध्यक्ष
महानगर कांग्रेस कमेटी, वाराणसी
कार्यालय :- ज्ञान मंडल प्लाजा, राजीव भवन , मैदागिन, वाराणसी
मो:- 9451941740