इस निर्णय के तहत, नई ग्राम पंचायतों के गठन तक या अधिकतम छह माह की अवधि तक निवर्तमान प्रधान ही पंचायतों का सामान्य प्रशासनिक कार्य संभालेंगे।
व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल ने बताया कि यह निर्णय ग्रामीण प्रशासन की निरंतरता बनाए रखने और विकास कार्यों को गति देने के लिए लिया गया है।
मंत्री अग्रवाल ने यह भी बताया कि मुजफ्फरनगर जनपद के ग्राम प्रधानों ने उन्हें ज्ञापन सौंपकर कार्यकाल बढ़ाने की मांग की थी।
कपिल देव अग्रवाल ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर ग्राम प्रधानों के कार्यकाल में वृद्धि का अनुरोध किया था, जिस पर सकारात्मक निर्णय लिया गया।
मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि इस फैसले से हजारों ग्राम प्रधानों को राहत मिली है और पंचायत स्तर पर प्रशासनिक कार्यों की निरंतरता बनी रहेगी, जिससे विकास कार्यों में बाधा नहीं आएगी।
उन्होंने प्रदेश सरकार और मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ग्राम प्रधान गांवों के विकास की आधारशिला होते हैं और उनके अनुभव का लाभ निरंतर मिलना आवश्यक है।