गांवों में विकास की नई रफ्तार: सड़क, पुलिया और संपर्क मार्गों से बदली तस्वीर।

मनरेगा के तहत 3.61 लाख से अधिक ग्रामीण कनेक्टिविटी कार्य पूरे, किसानों और ग्रामीणों को मिला बड़ा लाभ।

लखनऊ, 25 मई 2026:
उत्तर प्रदेश सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में कनेक्टिविटी और आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में तेजी से काम कर रही है। उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने ग्राम्य विकास विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि गांवों की आंतरिक गलियों और संपर्क मार्गों को बेहतर तरीके से दुरुस्त कराया जाए, ताकि ग्रामीणों को हर मौसम में सुगम आवागमन की सुविधा मिल सके।

प्रदेश की ग्राम पंचायतों में मनरेगा योजना के तहत सीसी रोड, इंटरलॉकिंग और चकरोड का निर्माण कराया जा रहा है। इन कार्यों से गांवों में स्वच्छता बढ़ी है और ग्रामीणों के लिए आवागमन पहले की तुलना में आसान हुआ है। खासकर मानसून के दौरान नदियों और नालों के कारण होने वाली परेशानियों को कम करने के लिए पुलियों का निर्माण कराया गया है, जिससे गांवों की कनेक्टिविटी मजबूत हुई है।

सरकार के मुताबिक जिन क्षेत्रों में बड़ी सड़कें बनाना संभव नहीं है, वहां पैदल मार्ग और छोटे संपर्क रास्तों का निर्माण कराया गया है। इनका सबसे अधिक लाभ महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को मिल रहा है, जिन्हें स्कूल, स्वास्थ्य केंद्र और अन्य सुविधाओं तक पहुंचने में आसानी हो रही है।

ग्रामीण सड़कों के किनारे नालियों का निर्माण भी कराया गया है, ताकि बारिश के दौरान सड़कें क्षतिग्रस्त न हों। बेहतर सड़क नेटवर्क का सीधा फायदा किसानों और छोटे व्यापारियों को मिल रहा है। अब ग्रामीण क्षेत्रों से सब्जियां, दूध और अनाज आसानी से बाजारों तक पहुंच रहे हैं, जिससे किसानों की आय में वृद्धि हुई है और स्थानीय व्यापार को बढ़ावा मिला है।

ग्राम्य विकास विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार वर्ष 2021-22 से अब तक मनरेगा के तहत 3.61 लाख से अधिक ग्रामीण कनेक्टिविटी कार्य पूरे किए जा चुके हैं। आयुक्त ग्राम्य विकास जी.एस. प्रियदर्शी ने बताया कि इन परियोजनाओं से ग्रामीण क्षेत्रों को आर्थिक और सामाजिक रूप से सशक्त बनाया जा रहा है।

सरकार का कहना है कि ग्रामीण सड़कों, पुलियों और संपर्क मार्गों के निर्माण से न केवल रोजगार के अवसर बढ़े हैं, बल्कि गांवों को मुख्यधारा से जोड़कर उनकी जीवनशैली में भी सकारात्मक बदलाव आया है।

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