भारत-मॉरीशस द्वितीय अंतरराष्ट्रीय सनातन सांस्कृतिक सम्मेलन के अंतर्गत छात्रों के बीच वैचारिक संगोष्ठी का सफल आयोजन।

समाचार आजकल।

ब्रह्मराष्ट्र एकम् विश्व महासंघ न्यास (बीआरई) द्वारा आयोजित द्वितीय अंतरराष्ट्रीय भारत-मॉरीशस सनातन सांस्कृतिक सम्मेलन 2026 के अंतर्गत आज दिनांक 18 जून 2026 को मॉरीशस स्थित रवीन्द्रनाथ टैगोर संस्थान के व्याख्यान कक्ष में एक भव्य वैचारिक संगोष्ठी एवं व्याख्यान कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ वैदिक मंत्रोच्चारण एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ, जिसमें भारत एवं मॉरीशस के गणमान्य अतिथियों, शिक्षाविदों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, धर्माचार्यों, युवाओं तथा विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।

सम्मेलन के प्रेरणास्रोत एवं मार्गदर्शक परम पूज्य श्री श्री 1008 डॉ. सचिन्द्रनाथ जी महाराज, श्रीकुल पीठाधीश्वर एवं संस्थापक-अध्यक्ष, ब्रह्मराष्ट्र एकम् विश्व महासंघ न्यास के सान्निध्य एवं मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य सनातन संस्कृति, वैश्विक मानवता, शिक्षा, युवा नेतृत्व तथा भारत-मॉरीशस के सांस्कृतिक संबंधों को और अधिक सुदृढ़ करना रहा।

इस अवसर पर आयोजित संगोष्ठी में विभिन्न विषयों पर विद्वत्तापूर्ण व्याख्यान प्रस्तुत किए गए। कार्यक्रम के प्रमुख वक्ताओं में प्रोफेसर डॉ. दिनेश चहल (नई दिल्ली, भारत), कुशाग्र मिश्रा (भारत युवा अध्यक्ष, बीआरई एवं डीआरआरएनडी 2028-29, रोटरैक्ट इंटरनेशनल), अनिष्ठा लाल सिंह रुग्जी (मॉरीशस), दर्शुन बी. राज (मॉरीशस) तथा अवशेष पाण्डेय (कल्लू महाराज), पुजारी, काल भैरव मंदिर शामिल रहे।

वक्ताओं ने अपने संबोधन में भारतीय संस्कृति एवं सनातन मूल्यों की वैश्विक प्रासंगिकता, युवाओं की राष्ट्र निर्माण में भूमिका, शिक्षा एवं संस्कारों के महत्व, आध्यात्मिक चेतना तथा भारत और मॉरीशस के ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक संबंधों को और अधिक सशक्त बनाने की आवश्यकता पर विस्तार से प्रकाश डाला। वक्ताओं ने “वसुधैव कुटुम्बकम्” की भावना को वर्तमान वैश्विक परिप्रेक्ष्य में मानवता के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए सांस्कृतिक एकता एवं विश्व बंधुत्व का संदेश दिया।

कार्यक्रम की एक विशेष उपलब्धि विभिन्न विद्यालयों के विद्यार्थियों की उत्साहपूर्ण सहभागिता रही। डीएवी कॉलेज, मोर्सेलमेंट सेंट आंद्रे, डीएवी कॉलेज, पोर्ट लुईस, महात्मा गांधी माध्यमिक विद्यालय सहित मॉरीशस के विभिन्न विद्यालयों एवं शैक्षणिक संस्थानों के विद्यार्थियों ने सम्मेलन में सक्रिय रूप से भाग लिया। विद्यार्थियों ने सनातन संस्कृति, भारतीय सभ्यता, नैतिक मूल्यों, आध्यात्मिक चेतना तथा युवा नेतृत्व से संबंधित विषयों पर आयोजित व्याख्यानों को गंभीरता से सुना और विशेषज्ञों के विचारों से प्रेरणा प्राप्त की।

सम्मेलन के माध्यम से नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक विरासत, मानवीय मूल्यों, अनुशासन, सेवा भावना एवं सामाजिक उत्तरदायित्व के प्रति जागरूक करने का प्रयास किया गया। विद्यार्थियों की उत्साहपूर्ण उपस्थिति ने यह सिद्ध किया कि युवा वर्ग सनातन संस्कृति के आदर्शों और जीवन मूल्यों को समझने तथा आत्मसात करने के प्रति विशेष रुचि रखता है।

कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों एवं प्रतिभागियों ने सम्मेलन की सराहना करते हुए इसे भारत और मॉरीशस के मध्य सांस्कृतिक, आध्यात्मिक एवं सामाजिक संबंधों को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताया। सम्मेलन के दौरान विभिन्न विषयों पर सार्थक संवाद एवं विचार-विमर्श भी आयोजित किया गया, जिससे उपस्थित जनसमूह को ज्ञानवर्धक एवं प्रेरणादायक अनुभव प्राप्त हुआ।

यह सम्मेलन ब्रह्मराष्ट्र एकम् विश्व महासंघ न्यास द्वारा विश्व स्तर पर सनातन संस्कृति, मानव कल्याण, सांस्कृतिक समन्वय एवं वैश्विक एकता के संदेश को आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण एवं प्रेरणादायक पहल सिद्ध हो रहा है।

जारीकर्ता
ब्रह्मराष्ट्र एकम् विश्व महासंघ न्यास (बीआरई)
द्वितीय अंतरराष्ट्रीय भारत-मॉरीशस सनातन सांस्कृतिक सम्मेलन 2026

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