
₹50.63 लाख का जुर्माना वसूला, 115 चालकों के लाइसेंस निलंबन की संस्तुति; बिना फिटनेस चलने वाली स्कूल बसों पर होगी FIR और स्क्रैप की कार्रवाई
चंदौली। जनपद में अवैध खनन, ओवरलोडिंग और यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़े पैमाने पर कार्रवाई की है। जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग और पुलिस अधीक्षक आकाश पटेल के निर्देशन में गठित संयुक्त टास्क फोर्स ने जून माह के दौरान 75 ओवरलोड वाहनों का चालान किया, जबकि 53 वाहनों को सीज कर विभिन्न थानों में खड़ा कराया गया।
कार्रवाई के दौरान अब तक ₹50.63 लाख का जुर्माना सरकारी कोष में जमा कराया गया है। साथ ही 115 चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस तीन माह के लिए निलंबित करने और 90 वाहनों के परमिट निरस्त करने की संस्तुति की गई है।
इधर, जिला प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि 1 जुलाई 2026 से जिलेभर में अवैध रूप से संचालित स्कूली वाहनों के खिलाफ विशेष चेकिंग महाअभियान चलाया जाएगा। बिना वैध फिटनेस, परमिट, प्रदूषण प्रमाणपत्र (PUC) और बीमा के संचालित होने वाली स्कूल बसों के खिलाफ सीधे एफआईआर दर्ज की जाएगी। इसके अलावा ऐसे वाहनों को जब्त कर रजिस्टर्ड व्हीकल स्क्रैपिंग फैसिलिटी (RVSF) के माध्यम से स्क्रैप करने की भी कार्रवाई की जाएगी।
परिवहन विभाग ने सभी थाना प्रभारियों को पत्र भेजकर निर्देश जारी किए हैं कि नियमों का उल्लंघन करने वाले विद्यालयों और वाहन संचालकों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। प्रशासन ने यह भी संकेत दिए हैं कि लगातार नियमों की अनदेखी करने वाले स्कूलों की मान्यता रद्द करने की प्रक्रिया भी शुरू की जा सकती है।
सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी डॉ. सर्वेश गौतम ने अभिभावकों और विद्यालय प्रबंधकों से अपील की है कि बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दें तथा केवल वैध दस्तावेजों वाले सुरक्षित वाहनों का ही उपयोग करें। उन्होंने कहा कि समय रहते सभी विद्यालय अपने वाहनों के दस्तावेज दुरुस्त करा लें, अन्यथा किसी भी प्रकार की लापरवाही पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन का लक्ष्य जनपद में बिना वैध दस्तावेजों वाले स्कूली वाहनों की संख्या को शून्य करना है।