500 से अधिक पुलिसकर्मियों की तैनाती, ड्रोन से निगरानी के बीच शुरू हुआ अभियान।
वाराणसी। दालमंडी चौड़ीकरण अभियान के तहत बुधवार को वाराणसी में विकास और सामाजिक सौहार्द की अनूठी मिसाल देखने को मिली। सड़क चौड़ीकरण की जद में आने वाली मस्जिदों को हटाने के लिए संबंधित मस्जिदों के मुतवल्ली और मुस्लिम समाज के लोग स्वयं आगे आए। प्रशासन के साथ आपसी सहमति के बाद धार्मिक संरचनाओं का आंशिक ध्वस्तीकरण शुरू कराया गया।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम, पुलिस छावनी में तब्दील हुआ इलाका
अभियान की संवेदनशीलता को देखते हुए पूरे दालमंडी और आसपास के क्षेत्र को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया। मौके पर 500 से अधिक पुलिसकर्मियों और पीएसी के जवानों की तैनाती की गई। पूरे इलाके में 13 प्रमुख स्थानों पर बैरिकेडिंग की गई, जबकि ड्रोन कैमरों के जरिए लगातार निगरानी रखी गई। सुरक्षा कारणों से कार्रवाई के दौरान मीडिया और आम लोगों के प्रवेश पर अस्थायी रोक भी लगाई गई।
मस्जिदों के मुतवल्लियों ने दिखाई सहमति, खुद संभाली ध्वस्तीकरण की जिम्मेदारी
शहर के विकास और यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के उद्देश्य से प्रशासन के साथ हुई बातचीत के बाद चौड़ीकरण की जद में आने वाली पांच मस्जिदों के मुतवल्लियों ने स्वेच्छा से सहयोग किया। उन्होंने धार्मिक सौहार्द का परिचय देते हुए मस्जिदों के प्रभावित हिस्सों को हटाने का कार्य स्वयं शुरू कराया।
54 जर्जर मकानों पर भी चला बुलडोजर
चौड़ीकरण अभियान के तहत सड़क किनारे स्थित 54 जर्जर और अधिग्रहित मकानों को भी हटाया जा रहा है। लोक निर्माण विभाग (PWD) और नगर निगम की जेसीबी मशीनों से ध्वस्तीकरण की कार्रवाई तेज़ी से जारी है, ताकि सड़क चौड़ीकरण का कार्य समय पर पूरा हो सके।
मौके पर डटे रहे प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी
पूरे अभियान के दौरान अपर पुलिस उपायुक्त (एडीसीपी) वैभव बांगर, एडीएम (प्रशासन) राजेश कुमार, पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता कृष्ण कुमार सिंह, अपर नगर आयुक्त मृत्युंजय नारायण मिश्रा सहित पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर मौजूद रहे और व्यवस्था की लगातार निगरानी करते रहे।
चरणबद्ध तरीके से जारी रहेगा चौड़ीकरण अभियान
प्रशासन का कहना है कि दालमंडी क्षेत्र में बढ़ते यातायात दबाव को कम करने और व्यापारिक गतिविधियों को सुगम बनाने के लिए सड़क चौड़ीकरण आवश्यक है। अधिकारियों के अनुसार स्थानीय लोगों के सहयोग और कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच यह अभियान चरणबद्ध तरीके से आगे भी जारी रहेगा, ताकि निर्धारित समय में परियोजना को पूरा किया जा सके।