
धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा मंजूर, छात्रों के नाम भावुक संदेश जारी.
नई दिल्ली। देशभर में चल रहे छात्र आंदोलन और NEET-UG विवाद के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेजा गया उनका इस्तीफा करीब एक घंटे के भीतर स्वीकार कर लिया गया।
अपने इस्तीफे के बाद जारी पत्र में धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि “यह मेरी व्यक्तिगत प्रतिष्ठा का विषय नहीं है, बल्कि देश के युवाओं के भविष्य का सवाल है।” उन्होंने लिखा कि पहले दिन से ही उन्होंने इस पूरे मामले की जिम्मेदारी ली और कभी पीछे नहीं हटे।
धर्मेंद्र प्रधान ने अपने बयान में कहा कि कुछ जिम्मेदार पदों पर बैठे लोगों ने छात्रों को भ्रमित करने का प्रयास किया, जिससे उन्हें गहरा दुख पहुंचा। उन्होंने कहा कि वह नहीं चाहते कि छात्र आंदोलन भटक जाए या देशविरोधी ताकतें इसका फायदा उठाएं। इसी उद्देश्य से उन्होंने प्रधानमंत्री को अपना इस्तीफा सौंपने का निर्णय लिया।
उन्होंने अपने पत्र में यह भी कहा कि “देश का कोई भी छात्र कानूनी उलझनों में न फंसे, छात्र अपनी पढ़ाई और करियर पर ध्यान दें, यही मेरी प्राथमिकता है।” उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वह आगे भी देश, ओडिशा और युवाओं की सेवा के लिए समर्पित रहेंगे।
मुख्य बातें
- ■ धर्मेंद्र प्रधान ने शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा दिया।
- ■ प्रधानमंत्री ने लगभग एक घंटे में इस्तीफा स्वीकार किया।
- ■ कहा- “पहले दिन से जिम्मेदारी ली, कभी पीछे नहीं हटा।”
- ■ छात्रों को भ्रमित न होने और आंदोलन को भटकने से बचाने की अपील की।
- ■ कहा कि देशविरोधी ताकतें आंदोलन का फायदा न उठाएं, इसलिए इस्तीफा दिया।