
गोरखपुर। दहेज प्रताड़ना के मामले में बीएचयू के असिस्टेंट प्रोफेसर राकेश चन्द्र वर्मा की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। पत्नी की ओर से दर्ज कराए गए मुकदमे में पुलिस द्वारा करीब तीन माह पूर्व चार्जशीट न्यायालय में दाखिल किए जाने की जानकारी सामने आई है। हालांकि चार्जशीट की प्रति अभी सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं होने के कारण उसमें पुलिस ने किन आरोपों और साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की है, इसकी विस्तृत जानकारी सामने नहीं आ सकी है।
मामला झंगहा थाना क्षेत्र का है। महिला ने अपने पति पर शादी के बाद से दहेज के लिए प्रताड़ित करने, मारपीट करने और अतिरिक्त दहेज के रूप में 10 लाख रुपये तथा कार की मांग करने का आरोप लगाया था। शिकायत के आधार पर पुलिस ने दहेज प्रतिषेध अधिनियम की धाराओं 3 और 4 के साथ भारतीय न्याय संहिता की धाराओं 115(2), 351(3), 352 और 85 के तहत मुकदमा दर्ज किया था।
एफआईआर में महिला ने आरोप लगाया था कि शादी के समय मायके पक्ष की ओर से नकदी, आभूषण और घरेलू सामान समेत काफी दहेज दिया गया था। इसके बावजूद शादी के कुछ समय बाद पति की ओर से अतिरिक्त दहेज की मांग की जाने लगी। महिला ने आरोप लगाया कि 10 लाख रुपये और कार की मांग पूरी नहीं होने पर उसके साथ मारपीट और मानसिक उत्पीड़न किया गया।
शिकायत के मुताबिक वर्ष 2021 में बच्चे के जन्म के बाद भी प्रताड़ना का सिलसिला जारी रहा। महिला ने आरोप लगाया कि जुलाई 2025 में वाराणसी जाने के बाद उसके साथ तथा बच्चे के साथ मारपीट की गई और उन्हें परेशान किया गया। बाद में नवंबर 2025 में महिला अपने बच्चे के साथ मायके चली गई।
मामले में पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर विवेचना शुरू की थी। एफआईआर में आलोक कुमार शुक्ला को विवेचक नियुक्त किए जाने का उल्लेख है।
अब चार्जशीट दाखिल होने के बाद मामले में अगली कार्रवाई न्यायालय स्तर पर होगी। चार्जशीट में लगाए गए आरोपों और पुलिस की ओर से जुटाए गए साक्ष्यों की पूरी तस्वीर उसकी प्रमाणित प्रति सामने आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
