
ईंट निर्माता एसोसिएशन अध्यक्ष हरिशंकर सिंह ने कहा—वृद्धों की सेवा मानवता का सबसे बड़ा धर्म।
वाराणसी। ईंट निर्माता एसोसिएशन के अध्यक्ष हरिशंकर सिंह ने सारनाथ के निकट रेलवे स्टेशन स्थित वृद्धाश्रम पहुंचकर वृद्धजनों को फल एवं नाश्ता वितरित किया। इस दौरान उन्होंने बुजुर्गों से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना और उनके साथ समय भी बिताया।

हरिशंकर सिंह ने कहा कि वृद्ध माता-पिता हमारे लिए देवतुल्य हैं। जिन बुजुर्गों का कोई सहारा नहीं है, उनकी सेवा और सहयोग करना हम सभी का सामाजिक दायित्व है। उन्होंने कहा कि वृद्धजनों की सेवा केवल सामाजिक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि मानवता का सबसे बड़ा धर्म है।
उन्होंने कहा कि जिन माता-पिता ने अपना पूरा जीवन बच्चों के भविष्य को संवारने में लगा दिया, उन्हें जीवन के अंतिम पड़ाव में अकेलापन न झेलना पड़े, इसके लिए समाज को आत्ममंथन करने की जरूरत है। आज की युवा पीढ़ी को अपने संस्कारों को मजबूत करते हुए बेसहारा और जरूरतमंद बुजुर्गों की सहायता के लिए आगे आना चाहिए।
उन्होंने समाज के लोगों से अपील की कि वृद्धाश्रमों में रहने वाले बुजुर्गों के सहयोग के लिए आगे आएं और उनके जीवन में खुशियां लाने का प्रयास करें। उन्होंने कहा कि बुजुर्गों का आशीर्वाद समाज की सबसे बड़ी पूंजी है और उनकी सेवा से बढ़कर कोई पुण्य कार्य नहीं।