
चन्दौली। नौकरी और मकान दिलाने का झांसा देकर महिलाओं को जाल में फंसाने, उन्हें बंधक बनाकर अश्लील फोटो-वीडियो तैयार करने और वायरल करने की धमकी देकर धन उगाही करने वाले एक संगठित गिरोह का चन्दौली पुलिस ने पर्दाफाश किया है। मुगलसराय थाना पुलिस, साइबर सेल और सर्विलांस टीम की संयुक्त कार्रवाई में गिरोह के सरगना सहित चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार गिरोह महिलाओं को ऑनलाइन माध्यम और अन्य तरीकों से नौकरी अथवा मकान दिलाने का लालच देकर पहले से तय स्थान पर बुलाता था। इसके बाद उन्हें एक मकान में ले जाकर बंधक बनाया जाता था और कथित तौर पर फर्जी पुलिस टीम बनकर डराने-धमकाने के बाद अश्लील वीडियो तैयार कर ब्लैकमेलिंग और धन उगाही की जाती थी।
महिला आरोपी खुद को बताती थी CBI अधिकारी
पुलिस जांच में सामने आया कि 14 मई 2026 की घटना में गिरोह में शामिल महिला आरोपी ने खुद को सीबीआई अधिकारी बताकर पीड़िता को डराया और धमकाया था। पुलिस का आरोप है कि गिरोह पीड़ित महिलाओं और उनके परिजनों को वीडियो वायरल करने की धमकी देकर ऑनलाइन और ऑफलाइन माध्यम से रुपये वसूलता था।
दो पीड़िताओं की शिकायत से खुला गिरोह का राज
मुगलसराय थाने में 27 अगस्त को दो अलग-अलग महिलाओं की शिकायत दर्ज कराई गई थी। एक पीड़िता ने आरोप लगाया कि उसे नौकरी दिलाने के बहाने रामनगर से डहिया गांव स्थित एक मकान में ले जाकर बंधक बनाया गया। पीड़िता के अनुसार, उसे और उसके परिजनों को कथित वीडियो वायरल करने की धमकी देकर रुपये की मांग की गई और उसके खाते से भी धनराशि ट्रांसफर कराई गई।
वहीं दूसरी महिला ने आरोप लगाया कि ऑनलाइन मकान देखने के बहाने उसे रामनगर चौराहे से डहिया क्षेत्र स्थित एक मकान में ले जाया गया। वहां उसे बंधक बनाकर वीडियो बनाने और वायरल करने की धमकी देते हुए फिरौती मांगी गई। पीड़िता के मुताबिक विरोध करने पर उसके साथ मारपीट भी की गई और खाते से ऑनलाइन धनराशि ट्रांसफर कराई गई। बाद में वह किसी तरह वहां से निकलकर अपनी जान बचाने में सफल रही।
पहले एस्कॉर्ट सर्विस चलाता था गिरोह का सरगना!
पुलिस की जांच में मुख्य आरोपी विजय कुमार गुप्ता उर्फ संजय गुप्ता उर्फ रॉकी का नाम सामने आया। पुलिस के अनुसार वह पहले लोकांटो वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन एस्कॉर्ट सेवा संचालित करता था। वर्ष 2023 में कथित तौर पर एक महिला द्वारा उसके साथ ठगी किए जाने के बाद उसने अन्य साथियों के साथ मिलकर महिलाओं को निशाना बनाने की योजना बनाई।
पुलिस के मुताबिक गिरोह का सरगना अपने भाई, पत्नी और एक परिचित रैपिडो चालक के साथ मिलकर नौकरी और मकान दिलाने के नाम पर महिलाओं को बुलाता था और फिर उन्हें ब्लैकमेल कर धन उगाही करता था।
डहिया बद्रीपुरम कॉलोनी में दबिश, चार आरोपी गिरफ्तार
पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में चलाए गए अभियान के दौरान मुगलसराय थानाध्यक्ष अर्जुन सिंह के नेतृत्व में मुगलसराय पुलिस और साइबर सेल की टीम ने सर्विलांस टीम की मदद से डहिया बद्रीपुरम कॉलोनी स्थित एक मकान पर घेराबंदी कर दबिश दी।
कार्रवाई के दौरान तीन पुरुष और एक महिला आरोपी को गिरफ्तार किया गया। पुलिस के अनुसार पीड़िताओं ने भी गिरफ्तार आरोपियों की पहचान की है।
गिरफ्तार आरोपियों में शामिल हैं—
▶ विजय कुमार गुप्ता उर्फ संजय गुप्ता उर्फ रॉकी — गिरोह का कथित सरगना।
▶ कृष्ण कुमार गुप्ता — विजय कुमार का भाई।
▶ विशम्भर विश्वकर्मा — पुलिस के अनुसार महिलाओं को मकान देखने और नौकरी दिलाने के बहाने तय स्थान तक लाने में शामिल।
▶ अंजली गुप्ता — विजय कुमार की पत्नी, जिस पर खुद को CBI अधिकारी बताकर पीड़िताओं को डराने-धमकाने का आरोप है।
08 मोबाइल, 72 हजार से अधिक नकदी और फर्जी दस्तावेज बरामद
पुलिस टीम ने आरोपियों के कब्जे से 08 एंड्रॉइड मोबाइल फोन, 72,300 रुपये नकद, 09 एटीएम कार्ड और कई कथित फर्जी व कूटरचित दस्तावेज बरामद किए हैं।
बरामद सामानों में—
▶ 08 एंड्रॉइड मोबाइल फोन
▶ 72,300 रुपये नकद
▶ 09 एटीएम कार्ड
▶ 05 कथित फर्जी/कूटरचित आधार कार्ड
▶ पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, वोटर आईडी और अन्य दस्तावेज
▶ विभिन्न बैंकों की पासबुक और चेकबुक
▶ पोर्टेबल वाईफाई डिवाइस
▶ एक स्कूटी और एक पल्सर मोटरसाइकिल शामिल हैं।
पुलिस ने बरामद स्कूटी और मोटरसाइकिल को मोटर वाहन अधिनियम की धारा 207 के तहत सीज कर दिया है। मामले में पहले से दर्ज मुकदमों में अन्य धाराओं की बढ़ोतरी करते हुए आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।
मुगलसराय पुलिस, साइबर सेल और सर्विलांस टीम की संयुक्त कार्रवाई
इस पूरे गिरोह का पर्दाफाश मुगलसराय पुलिस, साइबर सेल और सर्विलांस टीम की संयुक्त कार्रवाई में हुआ। कार्रवाई में थानाध्यक्ष अर्जुन सिंह, उपनिरीक्षक सूरज, उपनिरीक्षक अभिषेक शुक्ला सहित मुगलसराय थाना, साइबर थाना और सर्विलांस टीम के पुलिसकर्मी शामिल रहे।
चन्दौली पुलिस की इस कार्रवाई ने नौकरी और मकान दिलाने के नाम पर महिलाओं को निशाना बनाकर कथित तौर पर ब्लैकमेलिंग और धन उगाही करने वाले एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस अब आरोपियों के अन्य संभावित मामलों और नेटवर्क की भी जांच कर रही है।