बारिश से तबाह गांवों में पीड़ितों की चौखट तक पहुंचे डीएम चंद्र मोहन गर्ग, चंदौली में बोले- किसी पात्र का हक नहीं मारा जाएगा।

चकिया के बहोरा, सिकठिया और पिपराकला में क्षतिग्रस्त मकानों का लिया जायजा, राहत और पुनर्वास में तेजी के निर्देश।

चंदौली, 9 सितंबर 2026। भारी बारिश से प्रभावित परिवारों का दर्द जानने के लिए जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग बुधवार को खुद पीड़ितों की चौखट तक पहुंचे। चकिया तहसील के बहोरा (कुर्थिया), सिकठिया (चित्तौड़ी) और पिपराकला गांवों में पहुंचकर उन्होंने बारिश से क्षतिग्रस्त और ढहे मकानों की स्थिति देखी तथा प्रभावित ग्रामीणों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं जानीं।

जिलाधिकारी ने मौके पर मौजूद अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि आपदा प्रभावित परिवारों को राहत और पुनर्वास उपलब्ध कराने में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने एसडीएम चकिया और बीडीओ को निर्देशित किया कि जिन परिवारों के मकान बारिश में क्षतिग्रस्त या ध्वस्त हुए हैं, उन्हें नियमानुसार तत्काल आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाए।

डीएम ने पिछले वर्ष बारिश में बेघर हुए परिवारों के लिए बनाए गए नए आवासों का भी भौतिक सत्यापन किया। उन्होंने अधिकारियों से यह सुनिश्चित करने को कहा कि प्रभावित परिवारों को केवल तत्काल राहत तक सीमित न रखा जाए, बल्कि उन्हें पक्का आवास, राशन, आयुष्मान भारत कार्ड और मनरेगा के माध्यम से रोजगार जैसी योजनाओं का भी लाभ मिले।

गांवों में पैदल पहुंचे डीएम, ग्रामीणों से लिया योजनाओं का फीडबैक

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी कई स्थानों पर पैदल चलकर ग्रामीणों के घरों तक पहुंचे। उन्होंने पीड़ित परिवारों का हालचाल जाना और बच्चों से उनकी पढ़ाई के बारे में जानकारी ली। महिलाओं से स्वयं सहायता समूहों की गतिविधियों, शौचालय निर्माण, आयुष्मान भारत कार्ड, मुफ्त राशन वितरण और मनरेगा के तहत रोजगार मिलने की स्थिति के बारे में भी फीडबैक लिया।

उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि कोई भी पात्र व्यक्ति सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित नहीं रहना चाहिए। जिन पात्र लोगों का अभी तक किसी योजना में पंजीकरण नहीं हुआ है, उनके तत्काल फॉर्म भरवाकर उन्हें योजनाओं से जोड़ने की कार्रवाई की जाए।

डीएम बोले- संकट की घड़ी में प्रशासन पूरी तरह आपके साथ

ग्रामीणों से संवाद करते हुए जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग ने कहा कि आपदा और संकट की इस घड़ी में जिला प्रशासन पूरी तरह प्रभावित परिवारों के साथ खड़ा है। बारिश में जिन परिवारों के मकान गिरे या क्षतिग्रस्त हुए हैं, उन्हें नियमानुसार तत्काल आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।

उन्होंने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य सिर्फ तात्कालिक राहत देना नहीं, बल्कि प्रभावित परिवारों का पुनर्वास कर उनके जीवन को दोबारा सामान्य पटरी पर लाना है। उन्होंने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि किसी भी पात्र व्यक्ति का हक नहीं मारा जाएगा। यदि किसी योजना का लाभ लेने में किसी तरह की बाधा आती है तो ग्रामीण सीधे संबंधित अधिकारियों को इसकी जानकारी दें।

जलभराव वाले क्षेत्रों में एंटी-लार्वा छिड़काव के निर्देश

जिलाधिकारी ने गांवों में साफ-सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने के निर्देश भी दिए। उन्होंने एडीओ पंचायत को जलभराव वाले क्षेत्रों में तत्काल साफ-सफाई कराने तथा एंटी-लार्वा का छिड़काव सुनिश्चित करने को कहा, ताकि बारिश के बाद मच्छरजनित बीमारियों का खतरा न बढ़े।

डीएम के इस मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों से सीधे संवाद करने और समस्याओं का स्थलीय जायजा लेने से प्रभावित परिवारों में प्रशासन के प्रति भरोसा भी बढ़ा। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि राहत, पुनर्वास और सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र परिवारों तक समयबद्ध तरीके से पहुंचाया जाए।

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