200 साल पुराने सेठ गोपालदास अखाड़े में गूंजे दांव-पेच, विराट कुश्ती दंगल में पहलवानों ने दिखाया दमखम.

वाराणसी, 15 सितंबर 2026। सारनाथ क्षेत्र के वार्ड नंबर 32 लेढुपूर अंतर्गत आशापुर गांव में मंगलवार को 200 वर्ष पुराने ऐतिहासिक सेठ गोपालदास अखाड़ा-व्यायामशाला ट्रस्ट के तत्वावधान में विराट कुश्ती दंगल का भव्य आयोजन किया गया। दंगल में वाराणसी समेत आसपास के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे पहलवानों ने अपने शानदार दांव-पेच और दमखम से दर्शकों को रोमांचित कर दिया।

हजारों दर्शकों से गुलजार रहा अखाड़ा.

विराट कुश्ती दंगल देखने के लिए अखाड़ा परिसर में हजारों की संख्या में दर्शक पहुंचे। पहलवानों के बीच एक के बाद एक रोमांचक मुकाबले हुए। इस दौरान पूरा अखाड़ा परिसर ‘भारत माता की जय’ और ‘जय बजरंगबली’ के नारों से गूंजता रहा।

दंगल में सारनाथ अखाड़ा, गया सेठ अखाड़ा, गोराडीह अखाड़ा और चंद्र चौराहा अखाड़ा समेत कई प्रमुख अखाड़ों के पहलवानों ने प्रतिभाग किया। वाराणसी, मुगलसराय, चमाव, वरियानपुर सहित विभिन्न क्षेत्रों से आए पहलवानों ने अपनी कुश्ती कला का प्रदर्शन किया।

अतिथियों ने पहलवानों का बढ़ाया उत्साह

दंगल का शुभारंभ मुख्य अतिथि रामप्रकाश दुबे, नेता एवं पूर्व जिला अध्यक्ष भाजपा, विशिष्ट अतिथि अभय पाण्डेय, पार्षद सारनाथ, संजय मिश्रा, पूर्व जिला पंचायत सदस्य तथा चौकी प्रभारी आशापुर दीक्षा पाण्डेय ने पहलवानों का हाथ मिलवाकर कराया। अतिथियों ने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए पारंपरिक कुश्ती को बढ़ावा देने पर जोर दिया।

बड़ी कुश्तियां बराबरी पर छूटीं, नागेश्वर ने दर्ज की जीत

दंगल की सबसे बड़ी कुश्ती मृत्युंजय (मुगलसराय) और सुनील (सारनाथ) के बीच हुई। दोनों पहलवानों के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिली और मुकाबला बराबरी पर समाप्त हुआ।

वहीं नागेश्वर (गज सेठ अखाड़ा) ने शानदार प्रदर्शन करते हुए आकाश (मुगलसराय) को हराकर जीत दर्ज की।

इसके अलावा रामजनम (वरियानपुर)-आशीष (चमाव), अजय (चमाव)-चंदन (बेलवार), बहादुर (नवापुरा)-शिवाजी (वरियानपुर), देवदास (डढ़िया)-सूर्यभान (चकिया), पप्पू (बरियानपुर)-अशोक (हरहुआ), हिमांशु (गज सेठ)-गोलू (मुगलसराय), विशाल-अंकुश, सिपाही (डोमरी)-कृष्णकांत तथा तनय-किशन सेठ के बीच हुए मुकाबले बराबरी पर समाप्त हुए।

विजेताओं को मिले 20 और 25 हजार रुपये के नकद पुरस्कार

दंगल में शानदार प्रदर्शन करने वाले पहलवानों को आयोजकों की ओर से नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। बड़ी कुश्तियां जीतने वाले पहलवानों को 20 हजार और 25 हजार रुपये तक के नकद पुरस्कार प्रदान किए गए। पुरस्कार पाकर पहलवानों के चेहरे खिल उठे।

200 साल पुरानी परंपरा को आगे बढ़ाने का संकल्प

अखाड़े के मुख्य आयोजक एवं अध्यक्ष राजकुमार पाण्डेय ने कहा कि सेठ गोपालदास अखाड़े की कुश्ती परंपरा करीब 200 वर्षों से चली आ रही है। इस परंपरा को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने युवाओं से पारंपरिक कुश्ती से जुड़ने का आह्वान करते हुए कहा कि अखाड़ा ट्रस्ट युवाओं को हरसंभव प्रोत्साहन देगा, ताकि वे कुश्ती में अपना करियर बना सकें और देश-प्रदेश का नाम रोशन करें।

ये रहे अखाड़ा ट्रस्ट के पदाधिकारी और सहयोगी

आयोजन में अखाड़ा ट्रस्ट के अध्यक्ष राजकुमार पाण्डेय और उदयशंकर पाण्डेय, व्यवस्थापक संतोष पाण्डेय (पूर्व ग्राम प्रधान) और सुधांशु सिद्धार्थ, उपाध्यक्ष अनिल सिंह और प्रमोद पाण्डेय की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

वहीं संतोष पाल (पहलवान) ने विशेष सहयोग किया। मुख्य सहयोगियों में नितेशराज, ओमप्रकाश, सत्य प्रकाश, बृजेश पाण्डेय, लालमन पाल, रामजी, सुनील यादव और मुन्ना पाण्डेय शामिल रहे।

आयोजकों ने कहा कि ऐसे आयोजनों का उद्देश्य केवल कुश्ती प्रतियोगिता कराना नहीं, बल्कि युवाओं को भारतीय पारंपरिक खेलों से जोड़ना और उन्हें अपनी प्रतिभा निखारने का मंच उपलब्ध कराना भी है।

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