
वाराणसी। काशी की ऐतिहासिक जगन्नाथ रथयात्रा के अवसर पर भगवान श्री जगन्नाथ, बड़े भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा के दिव्य रथ के दर्शन के लिए रथयात्रा चौराहे पर श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। सदियों पुरानी इस परंपरा में भगवान अपने भक्तों को दर्शन देने के लिए भव्य रथ पर विराजमान होकर नगर भ्रमण करते हैं।
जैसे ही भगवान जगन्नाथ का रथ मंदिर परिसर से निकला, “जय जगन्नाथ” के जयघोष से पूरा क्षेत्र गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने रथ के दर्शन कर पूजा-अर्चना की और रथ की रस्सी खींचने का सौभाग्य प्राप्त किया। मान्यता है कि भगवान जगन्नाथ के रथ के दर्शन और रथ की रस्सी खींचने से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है।
रथयात्रा के दौरान पूरे मार्ग को आकर्षक ढंग से सजाया गया। जगह-जगह श्रद्धालुओं के लिए पेयजल, प्रसाद और अन्य सुविधाओं की व्यवस्था की गई। मेले में बच्चों के झूले, हस्तशिल्प, खिलौने, मिठाइयों और पारंपरिक व्यंजनों की दुकानों पर भी लोगों की भारी भीड़ देखने को मिली।
श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुचारु यातायात व्यवस्था के लिए पुलिस एवं प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा। रथयात्रा मार्ग पर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं, जिससे श्रद्धालु सुरक्षित वातावरण में भगवान के दर्शन कर सकें।
काशी की यह ऐतिहासिक जगन्नाथ रथयात्रा धार्मिक आस्था के साथ-साथ शहर की सांस्कृतिक विरासत का भी महत्वपूर्ण प्रतीक मानी जाती है, जिसमें हर वर्ष लाखों श्रद्धालु शामिल होकर भगवान जगन्नाथ का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं।