जनपद चंदौली कृषि निर्यात की संभावनाओं पर कृषि विज्ञान केंद्र चंदौली में संगोष्ठी आयोजित।


आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय, कुमारगंज, अयोध्या द्वारा संचालित कृषि विज्ञान केंद्र चंदौली में एपीडा, वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय, भारत सरकार के सहयोग से “कृषि निर्यात की संभावनाओं पर चर्चा” विषयक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जनपद चंदौली के किसानों, महिला कृषकों एवं एफपीओ सदस्यों ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया। कुल 145 प्रतिभागियों में 85 पुरुष एवं 60 महिला किसान शामिल रहीं।
कार्यक्रम का शुभारंभ वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं अध्यक्ष डॉ नरेंद्र रघुवंशी के स्वागत भाषण से हुआ। उन्होंने चंदौली जनपद में उत्पादित काला चावल (ब्लैक राइस), आदम चीनी (जी.आई टैग) उत्पाद विभिन्न खाद्य उत्पादों, सब्जियों एवं फल उत्पादों की मार्केटिंग एवं निर्यात की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने किसानों को निर्यात गुणवत्ता उत्पादन अपनाने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. सी. बी. सिंह, डी. जी. एम.(एपीडा) वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय, भारत सरकार उपस्थित रहे। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि सरकार की मंशा है कि लोग अपने गांव में ही रोजगार प्राप्त करें तथा स्वरोजगार को बढ़ावा दें। उन्होंने महिलाओं एवं युवाओं को छोटे-छोटे उद्योग स्थापित कर मूल्य संवर्धित उत्पाद तैयार करने तथा समूह बनाकर व्यापार को आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित किया। साथ ही उन्होंने विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ लेकर अपना उद्योग स्थापित करने पर बल दिया इरी (अंतर्राष्ट्रीय दक्षिण एशिया चावल अनुसंधान केंद्र, के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ विवेक कुमार ने धान की नई एवं उन्नत प्रजातियों पर व्याख्यान दिया तथा किसानों को आधुनिक तकनीकों,डीएसआर तकनीक को अपनाने की सलाह दी।
डॉ अभयदीप गौतम ने धान की डीएसआर तकनीक, बीज उपचार एवं मृदा उपचार के माध्यम से बेहतर उत्पादन प्राप्त करने की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सही तकनीक अपनाकर लागत कम एवं उत्पादन अधिक किया जा सकता है। जिला उद्यान अधिकारी डॉ शैलेंद्र देव दुबे ने मिर्च के एक्सपोर्ट के संबंध में बातें कहीं l अग्रणी जिला प्रबंधक ( एलडीएम) सुनील कुमार भगत जी ने उद्योग लगाने के लिए विभिन्न के विषय में विस्तृत जानकारी दी और उन्होंने कहा जनपद के किसानों को पूरा वित्तीय सहयोग प्रदान करेंगे l
डॉ चंदन सिंह ने मृदा परीक्षण के महत्व, समय एवं आवश्यकता के बारे में किसानों को विस्तारपूर्वक जानकारी दी। वहीं मनीष सिंह ने उद्यानिकी फसलों के उत्पादन एवं निर्यात तथा सब्जी उत्पादन एवं उसकी बाजार संभावनाओं के संबंध में किसानों को जागरूक किया। किसान शशिकांत राय, शिवाकांत, अजय सिंह, रमेश सिंह, अभिषेक सिंह, मदनजीत सिंह, पूजा कुमारी, ज्योति विश्वकर्मा, प्रियंका मौर्या सहित अनेक महिला किसानों एवं एफपीओ सदस्यों ने कार्यक्रम में भाग लेकर ब्लैक राइस एवं कृषि निर्यात से संबंधित अपने अनुभव साझा किए।
कार्यक्रम का संचालन डॉ अमित सिंह द्वारा किया गया। कार्यक्रम के अंत में किसानों ने कृषि निर्यात एवं आधुनिक कृषि तकनीकों से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त करने पर प्रसन्नता व्यक्त की।

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