
लखनऊ।
उत्तर प्रदेश में अब सभी स्कूलों और कॉलेजों के 500 मीटर दायरे को ‘नशा मुक्त क्षेत्र’ घोषित किए जाने की तैयारी है। शिक्षा मंत्रालय की नई कार्ययोजना के तहत स्कूलों के आसपास शराब, सिगरेट, तंबाकू और अन्य नशीले पदार्थों की बिक्री पर सख्ती की जाएगी।
नई व्यवस्था के तहत विद्यालय प्रशासन, पुलिस विभाग और नारकोटिक्स विभाग संयुक्त रूप से नियमों का पालन सुनिश्चित कराएंगे। स्कूलों और कॉलेजों के मुख्य द्वार पर ‘नशा मुक्त क्षेत्र’ से संबंधित विशेष बोर्ड भी लगाए जाएंगे।
अब तक शैक्षणिक संस्थानों के 100 मीटर दायरे में प्रतिबंध लागू था, जिसे बढ़ाकर 500 मीटर किए जाने की तैयारी है। शासन की ओर से इस शैक्षणिक सत्र से ‘नशा मुक्त विद्यालय पोर्टल’ भी शुरू किया जाएगा, जिसके माध्यम से सभी सरकारी, निजी और सहायता प्राप्त विद्यालयों की ऑनलाइन निगरानी की जाएगी।
विद्यालयों को पोर्टल पर नशा मुक्त अभियान से जुड़े नियमों के अनुपालन की जानकारी उपलब्ध करानी होगी। वहीं पीएम ई-विद्या चैनल और माईगॉव प्लेटफॉर्म के माध्यम से छात्रों और अभिभावकों को जागरूक करने के लिए विशेष अभियान भी चलाया जाएगा।
इस अभियान के लिए जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) को नोडल अधिकारी बनाया गया है, जो स्कूलों में नियमित मॉनिटरिंग करेंगे।
ग्लोबल यूथ टोबैको सर्वे के अनुसार 13 से 15 वर्ष आयु वर्ग के करीब 30 से 35 प्रतिशत छात्र सिगरेट, तंबाकू, बीयर और अन्य नशीले पदार्थों के सेवन की चपेट में हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार ने यह बड़ा कदम उठाने का निर्णय लिया है।