
उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने लखनऊ के गोमती नगर में ‘रश्मिरथी’ के हीरक जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में आयोजित ‘रश्मिरथी पर्व’ के अंतर्गत प्रदर्शनी का अवलोकन किया तथा स्वामी विवेकानंद जी के योगदान पर आयोजित कार्यक्रम में सहभागिता की।
इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री ने राष्ट्रकवि रामधारी सिंह ‘दिनकर’ एवं स्वामी विवेकानंद जी के चित्रों पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया तथा दिनकर जी के साहित्य का अवलोकन किया। उन्होंने वरिष्ठ एवं विशिष्ट गणमान्य व्यक्तियों के साथ ‘स्वामी विवेकानंद का भारत’, ‘सचल हिमाचल दिनकर’ एवं ‘पानी पंचायत’ पुस्तकों का विमोचन भी किया। कार्यक्रम के दौरान विविध प्रेरक एवं भावपूर्ण सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने उपस्थित जनसमूह को भाव-विभोर कर दिया।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री सूर्य प्रताप शाही, पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं विधान परिषद सदस्य डॉ. महेंद्र कुमार सिंह, भाजपा नेता श्री नीरज सिंह, पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. सत्यपाल सिंह, पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री श्री अश्विनी चौबे, भाजपा महानगर अध्यक्ष श्री आनंद द्विवेदी, रामकृष्ण मिशन सेवा आश्रम, लखनऊ के सचिव स्वामी मुक्तिनाथानंद जी महाराज सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
उप मुख्यमंत्री मौर्य ने अपने संबोधन में कहा कि राष्ट्रकवि दिनकर जी केवल एक महान कवि ही नहीं थे, बल्कि वे राष्ट्रचेतना के प्रखर स्वर और भारतीय संस्कृति के सशक्त प्रतिनिधि थे। ‘ज्ञानपीठ पुरस्कार’ एवं ‘पद्म भूषण’ से सम्मानित दिनकर जी की ओजस्वी वाणी ने स्वतंत्रता संग्राम के समय देशवासियों में आत्मगौरव, साहस और देशभक्ति का संचार किया।
उन्होंने कहा कि दिनकर जी की रचनाओं में वीर रस, राष्ट्रभक्ति और सामाजिक चेतना का अद्वितीय संगम देखने को मिलता है, जो आज भी युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत है। उनके क्रांतिदर्शी विचार समाज को दिशा देने का कार्य कर रहे हैं और उनकी कृतियां राष्ट्र निर्माण की प्रेरणा देती हैं।
उप मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि वे दिनकर जी के आदर्शों एवं विचारों को आत्मसात कर राष्ट्र की उन्नति और समाज के समग्र विकास में सक्रिय योगदान दें।