मुगलसराय में 70 लाख की स्ट्रीट लाइट सामग्री गायब, दो कर्मचारियों पर मुकदमा; सरकारी परियोजना पर उठे गंभीर सवाल।

चंदौली। पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर (मुगलसराय) में सड़क सौंदर्यीकरण एवं आधुनिक प्रकाश व्यवस्था से जुड़ी महत्वपूर्ण सरकारी परियोजना में लाखों रुपये की सामग्री गायब होने का मामला सामने आने के बाद हड़कंप मच गया है। लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) की निगरानी में संचालित इस परियोजना से संबंधित लगभग 55 से 70 लाख रुपये मूल्य की स्ट्रीट लाइट और डेकोरेटिव पोल सामग्री रहस्यमय ढंग से गायब हो गई है। मामले में पुलिस ने दो कर्मचारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

जानकारी के अनुसार, पीडीडीयू नगर क्षेत्र में सिक्स लेन और फोर लेन सड़क निर्माण कार्य पूरा होने के बाद डिवाइडर और सर्विस रोड के किनारे आकर्षक डेकोरेटिव पोल एवं आधुनिक स्ट्रीट लाइट लगाने की जिम्मेदारी नीलांबरी इंफ्रा प्राइवेट लिमिटेड को सौंपी गई थी। परियोजना के लिए कंपनी द्वारा जलीलपुर के पास एक गोदाम बनाया गया था, जहां लाखों रुपये की सामग्री सुरक्षित रखी गई थी।

गोदाम से गायब हुई लाखों की सामग्री

कंपनी के अधिकृत प्रतिनिधि उज्ज्वल चंद्रमणि ने क्षेत्राधिकारी एवं मुगलसराय कोतवाली में दी गई शिकायत में आरोप लगाया है कि गोदाम से बड़ी मात्रा में स्ट्रीट लाइट और डेकोरेटिव पोल से संबंधित सामग्री गायब कर दी गई। कंपनी के अनुसार गोदाम की सुरक्षा और सामग्री के रखरखाव की जिम्मेदारी प्रतापगढ़ निवासी चंद्रभान वर्मा तथा लखनऊ निवासी अनुभव शुक्ला को सौंपी गई थी।

कंपनी का दावा है कि गायब हुई सामग्री की अनुमानित कीमत 55 से 70 लाख रुपये के बीच है, जिससे परियोजना को बड़ा आर्थिक नुकसान पहुंचा है।

आईजीआरएस शिकायत के बाद दर्ज हुआ मुकदमा

मामले की जानकारी मिलने के बाद कंपनी ने पहले स्थानीय स्तर पर शिकायत की। कार्रवाई न होने पर आईजीआरएस पोर्टल के माध्यम से भी शिकायत दर्ज कराई गई। जांच के बाद मुगलसराय कोतवाली पुलिस ने दोनों नामजद कर्मचारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया।

परियोजना की निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल

घटना के सामने आने के बाद परियोजना की निगरानी, सुरक्षा व्यवस्था और जवाबदेही को लेकर भी कई सवाल खड़े हो गए हैं। करोड़ों रुपये की सरकारी परियोजना में लाखों की सामग्री गायब होना प्रशासनिक व्यवस्था पर प्रश्नचिह्न लगा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।

क्या बोली पुलिस?

मुगलसराय कोतवाली प्रभारी विजय प्रताप सिंह ने बताया कि कंपनी प्रतिनिधि की तहरीर के आधार पर चंद्रभान वर्मा और अनुभव शुक्ला के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है। गायब सामग्री की बरामदगी के साथ-साथ इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है।

बड़ा सवाल

शासन की प्राथमिकता वाली परियोजना से यदि लाखों रुपये की सामग्री गायब हो सकती है, तो आखिर उसकी निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था कितनी मजबूत थी? अब सभी की निगाहें पुलिस जांच और प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हैं।

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