कांग्रेस नेता Rahul Gandhi के 56वें जन्मदिन के अवसर पर वाराणसी में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान उनकी एक विवादित तस्वीर चर्चा का विषय बन गई। युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में राहुल गांधी को भगवान परशुराम के स्वरूप में दर्शाया गया, जिसके बाद यह तस्वीर राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा का केंद्र बन गई।

वाराणसी युवा कांग्रेस के जिला अध्यक्ष एवं अधिवक्ता विकास सिंह के नेतृत्व में आयोजित कार्यक्रम में कार्यकर्ता माँ गंगा के तट पर एकत्रित हुए। इस दौरान ब्राह्मणों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजन-अर्चन किया गया और राहुल गांधी के उत्तम स्वास्थ्य एवं दीर्घायु की कामना की गई। कार्यकर्ताओं ने बाबा विश्वनाथ, माँ अन्नपूर्णा और माँ गंगा से प्रार्थना की कि राहुल गांधी स्वस्थ रहें और आम जनता की आवाज उठाते रहें।

हालांकि पूरे आयोजन के बीच सबसे अधिक चर्चा उस तस्वीर की रही, जिसमें राहुल गांधी को भगवान परशुराम के रूप में दिखाया गया था। तस्वीर को लेकर संभावित विवाद और आपत्तियों के सवाल पर युवा कांग्रेस जिला अध्यक्ष विकास सिंह ने कहा कि यह उनके नेता के प्रति सम्मान, श्रद्धा और भावनाओं का प्रतीक है।

उन्होंने कहा, “जिस प्रकार भगवान परशुराम ने अधर्म और अत्याचार के विरुद्ध संघर्ष किया था, उसी प्रकार राहुल गांधी आज लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए संघर्ष कर रहे हैं। यह तस्वीर उसी भाव को दर्शाती है।”

विकास सिंह ने आगे कहा कि वे बाबा विश्वनाथ और माँ गंगा से प्रार्थना करते हैं कि राहुल गांधी को देश की सेवा के लिए शक्ति मिले और भविष्य में वे देश का नेतृत्व करें। उन्होंने यह भी कहा कि लोकतंत्र में हर व्यक्ति को अपने नेता के प्रति सम्मान और भावनाएं व्यक्त करने का अधिकार है।

राहुल गांधी को भगवान परशुराम के रूप में दर्शाने वाली यह तस्वीर अब शहर में चर्चा का विषय बनी हुई है और इसे लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *