
चंदौली, 09 जुलाई 2026। कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग की अध्यक्षता में जिला पोषण समिति की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने कहा कि कुपोषण मुक्त जनपद बनाना शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है, इसलिए इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
समीक्षा के दौरान पोषण ट्रैकर ऐप पर मोबाइल वेरिफिकेशन में शहाबगंज परियोजना की प्रगति सबसे कम (85 प्रतिशत) पाए जाने पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताई और संबंधित सीडीपीओ को जुलाई माह के भीतर सभी लाभार्थियों का मोबाइल वेरिफिकेशन पूर्ण कराने के निर्देश दिए। वहीं फेस रिकॉग्निशन सिस्टम (एफआरएस) के माध्यम से पोषाहार वितरण की फीडिंग मात्र 60 प्रतिशत होने पर भी उन्होंने असंतोष व्यक्त किया तथा जुलाई माह में शत-प्रतिशत फीडिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) की समीक्षा में जून माह में 67 प्रतिशत बेड ऑक्यूपेंसी मिलने पर जिलाधिकारी ने सभी परियोजनाओं को गंभीर अति कुपोषित (SAM) बच्चों को चिन्हित कर एनआरसी में भर्ती कराने और बेड ऑक्यूपेंसी 100 प्रतिशत तक पहुंचाने के निर्देश दिए।
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के अंतर्गत सकलडीहा एवं धानापुर परियोजनाओं में कम आवेदन मिलने पर संबंधित अधिकारियों को चेतावनी देते हुए लक्ष्य के अनुरूप शत-प्रतिशत आवेदन सुनिश्चित करने को कहा गया। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि कागजी प्रगति और वास्तविक स्थिति में किसी प्रकार का अंतर नहीं होना चाहिए।
जिलाधिकारी ने आंगनबाड़ी केंद्रों का नियमित निरीक्षण कराने, राशन वितरण एवं बच्चों के स्वास्थ्य परीक्षण में लापरवाही मिलने पर संबंधित मुख्य सेविका एवं सीडीपीओ के विरुद्ध जवाबदेही तय कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। साथ ही अति एवं मध्यम कुपोषित बच्चों की नियमित निगरानी, गर्भवती एवं धात्री महिलाओं की समय पर स्वास्थ्य जांच, हीमोग्लोबिन परीक्षण, आयरन-फॉलिक एसिड की उपलब्धता तथा आंगनबाड़ी केंद्रों पर ‘पोषण वाटिका’ विकसित करने पर विशेष जोर दिया।
उन्होंने पंचायती राज, स्वास्थ्य, शिक्षा एवं बाल विकास विभाग को आपसी समन्वय के साथ ग्राम स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं पोषण दिवस (VHSND) का प्रभावी आयोजन सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।
बैठक में मुख्य चिकित्साधिकारी, जिला कार्यक्रम अधिकारी, सभी खंड विकास अधिकारी, सीडीपीओ एवं संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।