
लखनऊ, 09 जुलाई 2026। राष्ट्रीय ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज संस्थान (एनआईआरडीपीआर), नई दिल्ली द्वारा आयोजित “समावेशी एवं सतत अनुकूलनशील सामाजिक सुरक्षा प्रणालियों” विषयक अंतरराष्ट्रीय अध्ययन भ्रमण कार्यक्रम के तहत नाइजीरिया का 28 सदस्यीय उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल बुधवार को अलीगढ़ जनपद के विकास खंड टप्पल एवं जट्टारी पहुंचा। प्रतिनिधिमंडल ने उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत स्वयं सहायता समूहों द्वारा संचालित आजीविका मॉडलों का अवलोकन किया और महिला सशक्तिकरण एवं ग्रामीण विकास की इन पहलों की मुक्त कंठ से सराहना की।
नाइजीरिया के मानवीय कार्य एवं गरीबी उन्मूलन मंत्री डॉ. बर्नार्ड एम. डोरो के नेतृत्व में आए प्रतिनिधिमंडल ने स्वयं सहायता समूहों द्वारा संचालित जैव उर्वरक इकाई, तिलहन प्रसंस्करण इकाई, दुग्ध उत्पादन एवं प्रसंस्करण इकाई, बैग निर्माण इकाई, प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि केंद्र, उन्नति कृषि प्रसंस्करण इकाई तथा ग्रामीण स्वावलंबन केंद्र का निरीक्षण किया। प्रतिनिधियों ने महिलाओं की उद्यमशीलता, उत्पादों की गुणवत्ता, प्रबंधन क्षमता और विपणन व्यवस्था की सराहना करते हुए इसे विकासशील देशों के लिए अनुकरणीय मॉडल बताया।
उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि उत्तर प्रदेश की स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं ग्रामीण अर्थव्यवस्था की सबसे बड़ी ताकत बनकर उभरी हैं। उन्होंने कहा कि टप्पल और जट्टारी का मॉडल यह साबित करता है कि महिलाओं के आर्थिक रूप से सशक्त होने से गांव आत्मनिर्भर बनते हैं और प्रदेश के विकास को नई गति मिलती है। उन्होंने कहा कि नाइजीरिया जैसे मित्र राष्ट्र के प्रतिनिधिमंडल द्वारा प्रदेश के आजीविका मॉडल की सराहना पूरे उत्तर प्रदेश के लिए गौरव की बात है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में प्रदेश सरकार महिला सशक्तिकरण, स्वरोजगार, ग्रामीण विकास और उद्यमिता को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए कार्य कर रही है। स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने का अभियान ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा दे रहा है।
कार्यक्रम के दौरान जीवन ज्योति समग्र चेतना मंच द्वारा प्रतिनिधिमंडल का स्वागत किया गया। “आजीविका उन्नयन मार्ग” विषय पर विस्तृत प्रस्तुति के माध्यम से स्वयं सहायता समूहों की कार्यप्रणाली, सामाजिक सुरक्षा, रोजगार सृजन और महिला नेतृत्व आधारित विकास मॉडल की जानकारी दी गई।
उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन की मिशन निदेशक दीपा रंजन ने कहा कि ऐसे अंतरराष्ट्रीय अध्ययन भ्रमण प्रदेश की ग्रामीण विकास योजनाओं को वैश्विक पहचान दिलाने के साथ-साथ स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं का उत्साह भी बढ़ाते हैं। संयुक्त मिशन निदेशक प्रवीणा नंद ने बताया कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य विदेशी प्रतिनिधियों को भारत के समावेशी सामाजिक सुरक्षा एवं आजीविका संवर्धन के सफल मॉडलों से परिचित कराना है।
प्रतिनिधिमंडल की सदस्य एवं नाइजीरिया की सुप्रीम मैनेजमेंट ट्रेनिंग एंड कंसल्टेंसी सर्विसेज की उप मुख्य परामर्शदाता ओलुवातोयिन ओलोमो ने भारत में मिले आत्मीय स्वागत और ग्रामीण विकास के प्रभावी मॉडल की सराहना करते हुए कहा कि यह व्यवस्था नाइजीरिया सहित अनेक विकासशील देशों के लिए प्रेरणादायी है।
मुख्य विकास अधिकारी योगेंद्र कुमार एवं जिलाधिकारी अविनाश कुमार ने प्रतिनिधिमंडल को मिशन की कार्यप्रणाली, स्वयं सहायता समूहों के पंचसूत्र, चुनौतियों और उपलब्धियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वर्ष 2024 में राष्ट्रीय स्तर पर चयनित होने के बाद टप्पल आजीविका संवर्धन और स्वयं सहायता समूहों के सफल मॉडलों के अध्ययन का प्रमुख केंद्र बन चुका है।
कार्यक्रम में जिला एवं ब्लॉक स्तर के अधिकारियों, एनआईआरडीपीआर के विशेषज्ञों, मिशन पदाधिकारियों तथा बड़ी संख्या में स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं ने भाग लिया। भ्रमण के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने ग्रामीण महिलाओं, बच्चों और ग्रामीणों से संवाद कर उत्तर प्रदेश के महिला सशक्तिकरण एवं ग्रामीण विकास मॉडल की सराहना करते हुए इसे विश्व के लिए प्रेरणास्रोत बताया।