वाराणसी। वाराणसी के पॉपुलर हॉस्पिटल में आयुष्मान भारत योजना के तहत भर्ती एक गरीब मरीज के परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। परिजनों का कहना है कि मरीज का करीब पांच दिनों तक इलाज किया गया, लेकिन बाद में यह कहकर ₹52,000 जमा करने की मांग की गई कि आयुष्मान कार्ड का क्लेम स्वीकृत नहीं हुआ है।
परिजनों का आरोप है कि यदि आयुष्मान कार्ड पर इलाज संभव नहीं था, तो अस्पताल प्रशासन को इसकी जानकारी पहले ही देनी चाहिए थी। उनका कहना है कि यदि समय रहते सूचना मिल जाती, तो वे मरीज को किसी अन्य सरकारी या आयुष्मान सूचीबद्ध अस्पताल में ले जाकर इलाज करा सकते थे।
परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि जब उन्होंने आर्थिक स्थिति का हवाला देते हुए मरीज को अस्पताल से ले जाने की बात कही, तब उन्हें ऐसा करने से रोका गया और अस्पताल परिसर में कहासुनी तथा झड़प की स्थिति बन गई। उनका कहना है कि अस्पताल का यह व्यवहार एक गरीब आयुष्मान कार्ड धारक के साथ अनुचित है।
परिजनों ने सवाल उठाया है कि यदि अस्पताल को शुरू में ही पता था कि आयुष्मान कार्ड पर क्लेम स्वीकृत नहीं हुआ है, तो पांच दिनों तक इलाज जारी रखने के बाद अचानक ₹52,000 की मांग क्यों की गई। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई तथा आयुष्मान योजना के नियमों का पालन सुनिश्चित करने की मांग की है।
नोट: इस समाचार में वर्णित सभी आरोप मरीज के परिजनों द्वारा लगाए गए हैं। पॉपुलर हॉस्पिटल का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।