
समाचार आजकल।
आजमगढ़। उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने शनिवार को आजमगढ़ में स्वर्गीय बाबू राम कुंवर सिंह की पुण्यतिथि पर आयोजित श्रद्धांजलि सभा में उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि बाबू राम कुंवर सिंह का समाज सेवा, राष्ट्रभक्ति और जनकल्याण से जुड़ा जीवन आज भी समाज के लिए प्रेरणास्रोत है।
इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री ने भोजपुरी अकादमी द्वारा प्रकाशित ‘गौरवशाली पूर्वांचल’ पुस्तक का विमोचन किया। उन्होंने कहा कि यह पुस्तक पूर्वांचल की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, इतिहास, साहित्य और महान विभूतियों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण माध्यम बनेगी। साथ ही भोजपुरी भाषा और संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए अकादमी के प्रयासों की सराहना की।
अपने संबोधन में केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि आजमगढ़ से उनका विशेष आत्मीय संबंध रहा है। उन्होंने कहा कि डबल इंजन सरकार के कार्यकाल में पूर्वांचल में सड़क, एक्सप्रेस-वे, शिक्षा, स्वास्थ्य, सिंचाई, बिजली और आधारभूत संरचना के क्षेत्र में अभूतपूर्व विकास हुआ है।
उप मुख्यमंत्री ने 12 जुलाई को आयोजित होने वाले ‘एक पेड़ मां के नाम’ महाअभियान का उल्लेख करते हुए प्रदेशवासियों से 35 करोड़ पौधरोपण के लक्ष्य को जनआंदोलन बनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि पौधे लगाने के साथ-साथ उनका संरक्षण करना भी सभी की जिम्मेदारी है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत-2047’ के संकल्प को साकार करने के लिए केंद्र और राज्य सरकार गरीब, किसान, महिला, युवा और वंचित वर्ग के कल्याण हेतु लगातार कार्य कर रही है। डीबीटी व्यवस्था के माध्यम से सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे लाभार्थियों के खातों में पहुंच रहा है, जिससे पारदर्शिता और सुशासन को मजबूती मिली है।
कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी कार्यकर्ता आधारित संगठन है और चुनाव में लक्ष्य केवल कमल का फूल खिलाना होना चाहिए। उन्होंने सभी कार्यकर्ताओं से संगठन की मजबूती और चुनावी तैयारियों में पूरी निष्ठा से जुटने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री दारा सिंह चौहान, विधायक रामविलास चौहान, प्रदेश मंत्री सहजानन्द राय, शिव पूजन सिंह, आभा प्रसाद सिंह, प्रवीण कुमार सिंह, पूर्व सांसद डॉ. संजय सिंह, पूर्व विधायक रामदर्शन यादव, भाजपा जिलाध्यक्ष ध्रुव सिंह, विनोद राजभर, आर.पी. राय सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, लेखक, शिक्षक, बुद्धिजीवी, सामाजिक कार्यकर्ता एवं नागरिक उपस्थित रहे।