
वाराणसी। सावन के दूसरे सोमवार पर काशी समेत देशभर के शिवालयों में भगवान शिव के दर्शन-पूजन के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। ⚫ सावन सोमवार के साथ प्रदोष का संयोग होने से इस दिन का धार्मिक महत्व और भी विशेष माना गया।
काशी में सुबह से ही शिवालयों में श्रद्धालुओं का पहुंचना शुरू हो गया। भक्तों ने भगवान शिव का जलाभिषेक और दुग्धाभिषेक कर बेलपत्र, धतूरा, पुष्प और अन्य पूजन सामग्री अर्पित की। ⚫ हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयघोष से मंदिर परिसर गूंज उठे।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सावन का महीना भगवान शिव को समर्पित है और सोमवार को शिव आराधना के लिए विशेष माना जाता है। वहीं ⚫ प्रदोष व्रत भी भगवान शिव की उपासना से जुड़ा महत्वपूर्ण पर्व है। ऐसे में सावन सोमवार और प्रदोष का संयोग श्रद्धालुओं के लिए विशेष आध्यात्मिक अवसर माना गया।
⚫ मान्यता है कि प्रदोष काल में भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करने से भक्तों को सुख-समृद्धि, शांति और मनोकामनाओं की प्राप्ति का आशीर्वाद मिलता है। श्रद्धालुओं ने प्रदोष काल में भी विधि-विधान से भगवान शिव की पूजा-अर्चना की।
काशी में सावन के दौरान बाबा विश्वनाथ समेत प्रमुख शिवालयों में विशेष पूजा-अर्चना और धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन किया गया। ⚫ श्रद्धालुओं ने सावन सोमवार और प्रदोष के इस विशेष अवसर पर भगवान शिव से परिवार की सुख-शांति, समृद्धि और आरोग्य की कामना की।