
जौनपुर (उत्तर प्रदेश)। सावन के पावन महीने में तीसरे सोमवार और नाग पंचमी के विशेष संयोग पर ऐतिहासिक त्रिलोचन महादेव मंदिर में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। ‘हर-हर महादेव’ और ‘बम-बम भोले’ के जयघोष के बीच दूर-दराज से पहुंचे हजारों कांवरियों और श्रद्धालुओं ने बाबा त्रिलोचन महादेव का दर्शन-पूजन और जलाभिषेक किया।
7 साल से लगातार सेवा, 24 घंटे चल रहा विशाल भंडारा।
धार्मिक आस्था के साथ मंदिर परिसर के पास सेवा और सामाजिक समरसता की अनूठी मिसाल भी देखने को मिली। ग्राम सभा छतारी निवासी एवं पूर्व सैनिक नवीन सिंह की ओर से पिछले 7 वर्षों से कांवरियों और श्रद्धालुओं के लिए 24 घंटे का विशाल भंडारा आयोजित किया जा रहा है।
अमरनाथ यात्रा से मिली सेवा की प्रेरणा।
नवीन सिंह (ओनर, सोनम कंस्ट्रक्शन) ने बताया कि जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग में अमरनाथ यात्रा के दौरान लंगर व्यवस्था देखकर उन्हें अपने क्षेत्र में सेवा करने की प्रेरणा मिली। सावन में रविवार रात कांवरियों को भोजन की समस्या होती थी, जिसे देखते हुए उन्होंने 24 घंटे के भंडारे की शुरुआत की। पिछले वर्ष करीब 40 से 45 हजार श्रद्धालुओं ने यहां प्रसाद ग्रहण किया था।
पौराणिक महत्व के साथ चाक-चौबंद व्यवस्था।
मंदिर के व्यवस्थापक रविशंकर गिरी के अनुसार त्रिलोचन महादेव मंदिर का उल्लेख काशी खंड और स्कंद पुराण में मिलता है। नाग पंचमी के अवसर पर श्रद्धालुओं ने कतारबद्ध होकर बाबा का जलाभिषेक किया। श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए पुलिस प्रशासन की ओर से सुरक्षा और व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए।
सेवा में जुटे सैकड़ों स्वयंसेवक।
भंडारे को सफल बनाने में रोहित सिंह, अभिषेक सिंह रघुवंशी, नीरज सेठ, आशु सिंह, चन्द्रेश्वर सिंह, अभिषेक सिंह और मनीष सिंह समेत सैकड़ों स्वयंसेवकों ने सक्रिय भूमिका निभाई। श्रद्धालुओं के लिए भोजन और प्रसाद की व्यवस्था लगातार जारी रही।