खालिद अंसारी ने बढ़ाया काशी का मान, यूनेस्को हाउस में मिला ‘विजनरी एंटरप्रेन्योर अवॉर्ड’।

ग्लोबल कॉन्फ्रेंस ऑन सस्टेनेबल डेवलपमेंट एंड बिजनेस एक्सीलेंस में उद्यमिता और व्यवसायिक उत्कृष्टता के लिए सम्मानित हुए कोरल ग्रुप के प्रबंध निदेशक

वाराणसी/नई दिल्ली, 29 अगस्त 2026। काशी के उद्यमिता जगत के लिए गर्व का क्षण रहा, जब कोरल ग्रुप के प्रबंध निदेशक खालिद अंसारी को उद्यमिता, व्यवसायिक उत्कृष्टता और सतत विकास के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए प्रतिष्ठित ‘विजनरी एंटरप्रेन्योर अवॉर्ड’ से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन्हें नई दिल्ली स्थित यूनेस्को हाउस में आयोजित वैश्विक सम्मेलन के दौरान प्रदान किया गया।

गत 26 अगस्त 2026 को आयोजित “ग्लोबल कॉन्फ्रेंस ऑन सस्टेनेबल डेवलपमेंट एंड बिजनेस एक्सीलेंस” में सतत विकास, उद्यमिता, नवाचार, व्यवसायिक उत्कृष्टता तथा छोटे एवं मध्यम उद्यमों की भूमिका जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई।

इस अवसर पर यूनेस्को रीजनल ऑफिस फॉर साउथ एशिया के डायरेक्टर एवं रिप्रेजेंटेटिव टिम कर्टिस ने खालिद अंसारी को प्रतिष्ठित ‘विजनरी एंटरप्रेन्योर अवॉर्ड’ प्रदान किया।

अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों की मौजूदगी ने बढ़ाई सम्मेलन की गरिमा

सम्मेलन में विभिन्न देशों के राजनयिकों, अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों और वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति रही। इस दौरान यूनेस्को रीजनल ऑफिस फॉर साउथ एशिया के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ ही विभिन्न देशों के राजदूतों और दूतावास प्रतिनिधियों ने भी सहभागिता की।

“कोई भी बिजनेस छोटा नहीं होता”—खालिद अंसारी

सम्मेलन में अपने संबोधन के दौरान खालिद अंसारी ने छोटे एवं मध्यम उद्यमों की भूमिका पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि किसी भी व्यवसाय को केवल उसके आकार या टर्नओवर से नहीं आंका जाना चाहिए।

उन्होंने कहा, “कोई भी बिजनेस छोटा नहीं होता। देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती देने में छोटे और मध्यम उद्यमों की बेहद महत्वपूर्ण भूमिका है। यही उद्यम रोजगार के अवसर पैदा करते हैं, स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति देते हैं और आर्थिक विकास की मजबूत नींव तैयार करते हैं।”

उन्होंने छोटे उद्यमों को भविष्य के बड़े उद्योगों की आधारशिला बताते हुए कहा कि उद्यमियों को आगे बढ़ने के लिए सही अवसर, संसाधन और अनुकूल कारोबारी वातावरण उपलब्ध कराया जाना चाहिए।

“बिजनेस छोटा या बड़ा नहीं होता, सोच बड़ी होनी चाहिए”

सम्मेलन के दौरान मीडिया से बातचीत में भी खालिद अंसारी ने अपने विजन को दोहराते हुए कहा कि “बिजनेस छोटा या बड़ा नहीं होता, सोच बड़ी होनी चाहिए।”

उन्होंने कहा कि देश की आर्थिक ताकत केवल बड़े कॉरपोरेट संस्थानों में नहीं, बल्कि लाखों छोटे और मध्यम उद्यमियों में भी निहित है। ये उद्यम रोजगार, नवाचार, आत्मनिर्भरता और स्थानीय विकास को मजबूती प्रदान करते हैं।

टेक्सटाइल से रियल एस्टेट और हॉस्पिटैलिटी तक बनाई पहचान

खालिद अंसारी के नेतृत्व में कोरल ग्रुप ने टेक्सटाइल, रियल एस्टेट और हॉस्पिटैलिटी सहित विभिन्न क्षेत्रों में अपनी पहचान स्थापित की है। वाराणसी की समृद्ध बनारसी वस्त्र एवं हस्तकरघा परंपरा से जुड़ाव के साथ समूह ने आधुनिक विकास, गुणवत्तापूर्ण सेवाओं और नए व्यावसायिक अवसरों पर भी निरंतर कार्य किया है।

समूह की विकास यात्रा में व्यवसायिक सफलता के साथ सामाजिक जिम्मेदारी, पर्यावरण संरक्षण और सामुदायिक विकास को भी महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है।

वाराणसी से वैश्विक मंच तक पहुंची उद्यमशीलता की पहचान

वाराणसी से शुरू हुई खालिद अंसारी की उद्यमशील यात्रा को वैश्विक मंच पर मिला यह सम्मान न केवल उनकी व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि काशी के कारोबारी और उद्यमिता जगत के लिए भी गौरव का विषय है।

सम्मान प्राप्त करने के बाद खालिद अंसारी ने कहा कि यह उपलब्धि उनके लिए केवल व्यक्तिगत सम्मान नहीं, बल्कि एक नई जिम्मेदारी और प्रेरणा है।

उन्होंने कहा, “व्यवसाय की सफलता तभी सार्थक है, जब उसके माध्यम से समाज और राष्ट्र के विकास में भी सकारात्मक योगदान दिया जा सके। हमें छोटे और मध्यम उद्यमों को आगे बढ़ाने के लिए ऐसा वातावरण तैयार करना होगा, जहां हर उद्यमी अपने सपनों को आकार दे सके।”

उन्होंने कहा कि व्यवसाय की वास्तविक शक्ति उसके आकार में नहीं, बल्कि उसकी सोच, उद्देश्य और समाज पर पड़ने वाले सकारात्मक प्रभाव में होती है।

नई दिल्ली के यूनेस्को हाउस में मिला ‘विजनरी एंटरप्रेन्योर अवॉर्ड’ खालिद अंसारी की उद्यमशील यात्रा की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के साथ-साथ कोरल ग्रुप और पूरी काशी के लिए गौरव का क्षण बन गया है।

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