
5 से 8 अक्टूबर तक संतों के साथ प्रवास करेंगे कार्यकर्ता, सनातन संस्कृति के प्रचार पर जोर।

वाराणसी/लहरतारा। संत कबीर की जन्मस्थली लहरतारा में विश्व हिन्दू परिषद धर्म प्रसार काशी की ओर से ग्रामीण क्षेत्रों में निवास करने वाले पूज्य संतों की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता पीठाधीश्वर महंत गोविन्द दास शास्त्री जी ने की। बैठक में धर्म जागरण, सनातन संस्कृति के प्रचार और ग्रामीण क्षेत्रों में संतों के प्रवास को लेकर विस्तार से चर्चा हुई।
विश्व हिन्दू परिषद के केंद्रीय पदाधिकारी आनंद प्रकाश गोयल ने कहा कि परिषद संतों के मार्गदर्शन में समाज के बीच कार्य करती है। उन्होंने कहा कि समाज में हो रहे धर्मांतरण को रोकने और सनातन समाज को जागरूक करने के लिए संतों की भूमिका महत्वपूर्ण है।
संत कबीर जन्मस्थली के पीठाधीश्वर महंत गोविन्द दास शास्त्री ने कहा कि संत समाज हमेशा से सामाजिक उत्थान और समाज को सही दिशा देने का कार्य करता आया है। उन्होंने कहा कि भटकाव की स्थिति में संतों ने लोगों को संस्कार, संस्कृति और धर्म से जोड़ने का काम किया है।
सनातन प्रांत के सह धर्म प्रसार प्रमुख राजन जी एवं विश्वेश्वर जी ने चलित पुस्तकालय और प्रचार कार्यों की जानकारी दी। बैठक के दौरान करीब 200 संतों से संपर्क कर विभिन्न मठ-मंदिरों की स्थिति पर भी चर्चा की गई।
धर्म प्रसार के प्रांत पदाधिकारी प्रकाश कौशिक ने कहा कि हिन्दू समाज को कमजोर करने के प्रयासों को विफल करने के लिए संतों को गांव-गांव प्रवास कर सनातन संस्कृति और धर्म के प्रति लोगों को जागरूक करना होगा।
विश्व हिन्दू परिषद के केंद्रीय पदाधिकारी आनंद प्रकाश गोयल ने बताया कि 5 से 8 अक्टूबर 2026 तक विश्व हिन्दू परिषद के कार्यकर्ता पूज्य संतों के साथ विभिन्न क्षेत्रों में प्रवास करेंगे। इस दौरान धर्म जागरण एवं घर वापसी अभियान चलाने की योजना है।
बैठक में संत समाज प्रमुख राजन तिवारी, वेद प्रकाश मिश्र, सुधीर प्रजापति, मुकुन्दलाल, निशिकान्त, रवि कुमार शर्मा सहित बड़ी संख्या में संत एवं पदाधिकारी उपस्थित रहे।