
लखनऊ, 05 अगस्त 2026: उत्तर प्रदेश के नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने विधानसभा और विधान परिषद के तृतीय सत्र के दौरान विपक्ष के रवैये पर कड़ी नाराजगी जताते हुए कहा कि लगातार नारेबाजी और सदन की कार्यवाही में बाधा डालना लोकतांत्रिक परंपराओं के विपरीत है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष ने जनहित के मुद्दों पर सहयोग करने के बजाय केवल व्यवधान की राजनीति की, जिससे सदन का बहुमूल्य समय नष्ट हुआ।
मंत्री ने कहा कि आजादी के करीब 70 वर्षों तक उत्तर प्रदेश के डेढ़ लाख से अधिक मजरे बिजली जैसी मूलभूत सुविधा से वंचित रहे, लेकिन वर्तमान सरकार ने वहां तक बिजली पहुंचाकर सामाजिक और आर्थिक बदलाव का मार्ग प्रशस्त किया है। उन्होंने दावा किया कि उत्तर प्रदेश ने देश में सर्वाधिक बिजली मांग की सफल आपूर्ति कर राष्ट्रीय रिकॉर्ड स्थापित किया है, जो सरकार की दूरदर्शी नीतियों और मजबूत ऊर्जा अवसंरचना का परिणाम है।
उन्होंने बताया कि नए विद्युत उपकेंद्रों का निर्माण, ट्रांसफार्मरों की क्षमता वृद्धि, वितरण प्रणाली का आधुनिकीकरण और नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देकर प्रदेश को ऊर्जा क्षेत्र में नई पहचान दिलाई जा रही है।
सदन की कार्यवाही के बाद मीडिया से बातचीत में ए.के. शर्मा ने कहा कि विपक्ष की जनहित के प्रति उदासीनता और विकास कार्यों में लगातार बाधा डालने की प्रवृत्ति पूरे प्रदेश ने देखी है। उनके अनुसार, तीन दिनों तक चले हंगामे के कारण सदन का महत्वपूर्ण समय बर्बाद हुआ, जिसका नुकसान प्रदेश की जनता को उठाना पड़ा।
मंत्री ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, संसदीय कार्य मंत्री और विधानसभा अध्यक्ष की सराहना करते हुए कहा कि विपक्ष के लगातार विरोध के बावजूद सरकार ने अपने सभी महत्वपूर्ण विधायी कार्य पूरे किए और अनुपूरक बजट सफलतापूर्वक पारित कराया।
ए.के. शर्मा ने कहा कि लोकतंत्र में स्वस्थ बहस, सार्थक संवाद और जनहित के मुद्दों पर सकारात्मक सहयोग विपक्ष की जिम्मेदारी होती है, लेकिन पूरे सत्र में विपक्ष ने केवल असहयोग और व्यवधान की राजनीति की। उन्होंने विश्वास जताया कि प्रदेश की जनता विकास, सुशासन और जनकल्याण के कार्यों का मूल्यांकन करेगी और समय आने पर लोकतांत्रिक तरीके से इसका जवाब भी देगी।