चंदौली।डीडीयू जंक्शन पर सुरक्षा व्यवस्था की खुली पोल: चलती ट्रेनों में मौत से खेल रहे अवैध वेंडर, कार्रवाई के दावे कटघरे में।

यार्ड से लेकर प्लेटफॉर्म तक बेखौफ सक्रिय अवैध वेंडर, हादसे की आशंका के बावजूद जिम्मेदार विभाग मौन

चंदौली। पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन (डीडीयू) पर रेलवे सुरक्षा व्यवस्था की हकीकत एक बार फिर सवालों के घेरे में है। रेलवे प्रशासन और आरपीएफ द्वारा अवैध वेंडरों के खिलाफ लगातार अभियान चलाने और पकड़-धकड़ की कार्रवाई के दावों के बीच यार्ड क्षेत्र से सामने आई तस्वीरें इन दावों की पोल खोलती नजर आ रही हैं।

तस्वीरों में स्पष्ट देखा जा सकता है कि अवैध वेंडर भारी मात्रा में खाने-पीने का सामान लेकर चलती ट्रेनों में चढ़ते और उतरते दिखाई दे रहे हैं। यह न केवल रेलवे नियमों का खुला उल्लंघन है, बल्कि उनकी अपनी जान और यात्रियों की सुरक्षा के लिए भी गंभीर खतरा बन चुका है। इसके बावजूद ऐसे लोगों की गतिविधियां लगातार जारी हैं।

स्थानीय लोगों और यात्रियों का कहना है कि यह कोई नई समस्या नहीं है। वर्षों से अवैध वेंडर रेलवे परिसर, प्लेटफॉर्म और यार्ड क्षेत्रों में सक्रिय हैं। कई बार दुर्घटनाएं और हादसे भी सामने आ चुके हैं, जिनमें लोगों की जान तक जा चुकी है। इसके बावजूद स्थिति में कोई बड़ा बदलाव दिखाई नहीं देता।

सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब आरपीएफ और रेलवे प्रशासन नियमित रूप से अभियान चलाने और कार्रवाई करने का दावा कर रहे हैं, तो फिर वही अवैध वेंडर रोजाना ट्रेनों और यार्ड क्षेत्रों में कैसे दिखाई दे रहे हैं? क्या कार्रवाई केवल कागजों और आंकड़ों तक सीमित है, या फिर जमीनी स्तर पर निगरानी व्यवस्था पूरी तरह फेल साबित हो रही है?

इस संबंध में आरपीएफ पोस्ट प्रभारी अनिता कुमारी का कहना है कि अवैध वेंडरों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है तथा पकड़-धकड़ की कार्रवाई भी की जा रही है। हालांकि मौके की तस्वीरें और जमीनी हकीकत इन दावों पर कई सवाल खड़े कर रही हैं।

रेलवे जानकारों का मानना है कि यदि समय रहते इस समस्या पर प्रभावी नियंत्रण नहीं किया गया, तो भविष्य में कोई बड़ा हादसा हो सकता है। ऐसे में जरूरत है कि रेलवे प्रशासन केवल अभियान चलाने के दावे करने के बजाय यार्ड और प्लेटफॉर्म क्षेत्रों में सख्त निगरानी सुनिश्चित करे तथा अवैध वेंडरों के खिलाफ प्रभावी और स्थायी कार्रवाई करे।

यात्रियों और स्थानीय लोगों ने रेलवे प्रशासन से मांग की है कि सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जाए, अवैध वेंडरों की आवाजाही पर पूरी तरह रोक लगाई जाए और ऐसे मामलों में जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही भी तय की जाए, ताकि किसी संभावित दुर्घटना को रोका जा सके।

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