
जिसका जितना बलिदान , उसका उतना अधिकार ।। बस यही पंक्तियों के आधार पर सवर्ण समाज को देश भर में एकजुट करना और इस ऊर्जा से सवर्ण स्वाभिमान के लिए विकल्प की तलाश करना हमारा उद्देश्य है जिसमे क्षत्रिय ,ब्राह्मण ,बनिया ,कायस्थ ,भूमिहार , कुछ राज्यों के जाट और साथ में न्यायप्रिय दलित और पिछड़े शामिल होंगे । ugc जैसे काले क़ानून देश के भविष्य को ग्रह युद्ध की ओर धकेल रहे हैं । जिनके पूर्वजों ने अपने परिवार को बलिदान देकर राष्ट्र की रक्षा की आज उनकी संख्या की बात हो रही है , संख्या ज़्यादा होने के आधार पर तो देश को क्या सूकरो के हवाले नहीं कर सकते ।